IRCTC घोटाले में लालू यादव को हाईकोर्ट से राहत, ED को नोटिस जारी
3 दिसंबर को अगली सुनवाई
दिल्ली। आईआरसीटीसी (IRCTC) होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर 2026 को होगी।
गुरुवार को न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने लालू यादव की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने उन्हें हाईकोर्ट में अगली सुनवाई तक निचली अदालत से कार्यवाही स्थगित करने का अनुरोध करने की अनुमति भी दी है। हालांकि, हाईकोर्ट ने आरोप तय करने के आदेश को फिलहाल रद्द नहीं किया है। दरअसल, 10 सितंबर 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया था।
ईडी का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एफआईआर पर आधारित है। जांच एजेंसी का आरोप है कि रेल मंत्री के कार्यकाल के दौरान लालू यादव ने सुजाता होटल्स की मालिक सरला गुप्ता और आईआरसीटीसी अधिकारियों के साथ मिलकर कथित आपराधिक साजिश रची थी। आरोप है कि रांची और पुरी स्थित रेलवे होटलों की लीज देने की प्रक्रिया में अनियमितताएं की गईं।
वहीं, लालू यादव ने अपनी याचिका में इन आरोपों को चुनौती दी है। उनका कहना है कि निचली अदालत ने संबंधित अपराध में आरोप तय होने के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी तय कर दिए, जबकि कथित अपराध से अर्जित रकम से जुड़े किसी लेनदेन या गतिविधि में उनकी संलिप्तता साबित नहीं हुई है। याचिका में यह भी दलील दी गई है कि ईडी ने जांच के दौरान उन्हें कभी समन जारी नहीं किया था। लालू यादव ने निचली अदालत के आदेश को कानूनी रूप से गलत बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की है।