लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को करवा चौथ का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास अवसर पर गोरखपुर से भाजपा सांसद और भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता रवि किशन अपनी पत्नी प्रीति किशन शुक्ला के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर आयोजित करवा चौथ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान दोनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और व्रत खोलने की रस्म निभाई। खास बात यह रही कि इस बार रवि किशन ने भी अपनी पत्नी के साथ करवा चौथ का व्रत रखा था। हालांकि, गुरुवार को बारिश और बादलों के कारण लखनऊ में चंद्रमा के दर्शन करने में परेशानी हुई। इसके चलते व्रत खोलने को लेकर महिलाओं को लंबा इंतजार करना पड़ा।
करवा चौथ के अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर धार्मिक और पारिवारिक माहौल देखने को मिला। समारोह में रवि किशन और उनकी पत्नी प्रीति किशन शुक्ला ने पूजा की पारंपरिक रस्मों में भाग लिया। इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के साथ वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई।
भाजपा सांसद रवि किशन और उनकी पत्नी प्रीति शुक्ला का करवा चौथ मनाने का अंदाज इस बार विशेष चर्चा में रहा। जहां परंपरागत रूप से महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए व्रत रखती हैं, वहीं रवि किशन ने भी पत्नी के साथ उपवास रखकर इस पर्व में भाग लिया।
इस संबंध में प्रीति किशन शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पति रवि किशन ने भी करवा चौथ का व्रत रखा था। उन्होंने कहा कि लखनऊ में बारिश होने के कारण चांद नजर नहीं आ रहा था। ऐसे में पूजा करने के बावजूद वह चंद्रमा के दर्शन का इंतजार कर रही थीं।
प्रीति शुक्ला ने बताया कि धार्मिक परंपरा के अनुसार चंद्रमा दिखाई देने तक उनका व्रत जारी था। हालांकि, पति के आग्रह पर उन्होंने पानी की एक बूंद ग्रहण की थी, ताकि रवि किशन अपना भोजन कर सकें। उनके इस बयान से स्पष्ट हुआ कि दोनों ने इस पर्व को एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सहयोग की भावना के साथ मनाया।
दरअसल, गुरुवार को लखनऊ में चक्रवाती मौसम का असर देखने को मिला। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और विभिन्न स्थानों पर बारिश हुई। शाम के समय भी बादलों के कारण चंद्रमा के दर्शन करने में मुश्किलें आईं। करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं लगातार आसमान की ओर देखती रहीं और चांद निकलने का इंतजार करती रहीं।
लखनऊ में चंद्रमा निकलने का अनुमानित समय रात करीब आठ बजे था। हालांकि, मौसम खराब होने के कारण कई स्थानों पर चांद स्पष्ट दिखाई नहीं दिया। ऐसे में कुछ परिवारों ने अपनी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पूजा की रस्में पूरी कीं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अपनी पत्नी नम्रता पाठक के साथ करवा चौथ का त्योहार मनाया। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने पत्नी के साथ पूजा-अर्चना की और पानी पिलाकर उनका व्रत खुलवाया। इस दौरान पारिवारिक वातावरण में त्योहार की परंपराएं निभाई गईं।
करवा चौथ के अवसर पर रवि किशन की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि वह धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए जाने जाते हैं। भोजपुरी फिल्मों और हिंदी सिनेमा से अपनी पहचान बनाने वाले रवि किशन वर्तमान में गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। राजनीतिक जिम्मेदारियों के साथ वह विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों में भी शामिल होते रहते हैं।
रवि किशन ने इससे पहले भी पत्नी प्रीति शुक्ला के साथ करवा चौथ का त्योहार मनाया है। पिछले वर्ष भी उन्होंने पत्नी को पानी पिलाकर व्रत खुलवाया था। उस दौरान उनके पारिवारिक कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे।
करवा चौथ का त्योहार भारतीय संस्कृति में दांपत्य जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपराओं में शामिल है। यह पर्व मुख्य रूप से उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सहित कई क्षेत्रों में विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए व्रत रखती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं। इसके बाद दिनभर निर्जला व्रत रखा जाता है। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान करवा चौथ की कथा सुनने की भी परंपरा है।
पूजा के बाद महिलाएं चंद्रमा के दर्शन का इंतजार करती हैं। चांद दिखाई देने पर उसे जल अर्पित करके अर्घ्य दिया जाता है। कई परिवारों में महिलाएं छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद पति पानी पिलाकर पत्नी का व्रत खुलवाता है।
हालांकि, समय के साथ करवा चौथ मनाने की परंपराओं में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। कई परिवारों में पति भी अपनी पत्नियों के साथ व्रत रखने लगे हैं। इसे आपसी प्रेम, सम्मान और समान भागीदारी की भावना से जोड़कर देखा जाता है।
रवि किशन और प्रीति किशन शुक्ला का एक साथ व्रत रखना भी इसी बदलती परंपरा का उदाहरण माना जा सकता है। इस अवसर पर दोनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाया और एक-दूसरे के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया।
लखनऊ में करवा चौथ को लेकर गुरुवार को विशेष उत्साह रहा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा-अर्चना की। कई घरों में सामूहिक रूप से करवा चौथ की कथा सुनी गई। महिलाओं ने परिवार की खुशहाली और पति की लंबी आयु की कामना की।
बारिश और खराब मौसम के बावजूद करवा चौथ का उत्साह बना रहा। चंद्रमा दिखाई नहीं देने के कारण कुछ महिलाओं को निर्धारित समय से अधिक इंतजार करना पड़ा, लेकिन पूजा और अन्य धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं।
इस वर्ष करवा चौथ का पर्व राजनीतिक और फिल्मी हस्तियों के बीच भी विशेष उत्साह के साथ मनाया गया। कई सार्वजनिक हस्तियों ने अपने परिवारों के साथ पूजा-अर्चना की और सोशल मीडिया के माध्यम से त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
फिलहाल उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर आयोजित करवा चौथ समारोह में रवि किशन और उनकी पत्नी प्रीति किशन शुक्ला की भागीदारी चर्चा में है। विशेष रूप से दोनों का साथ व्रत रखना और बारिश के बीच चंद्रदर्शन का इंतजार करना इस आयोजन का उल्लेखनीय पहलू रहा। इस तरह पारंपरिक पूजा, धार्मिक आस्था और पति-पत्नी के आपसी प्रेम के साथ करवा चौथ का त्योहार मनाया गया।
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