नागालैंड में भारी बारिश से तबाही, भीषण भूस्खलन में 3 लोगों की मौत
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Nagaland. नागालैंड। नागालैंड के मोन शहर में लगातार हो रही भारी बारिश ने बड़ा कहर बरपाया है। बारिश के बाद हुए भीषण भूस्खलन में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), असम राइफल्स और नागालैंड पुलिस की टीमें लगातार मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, मोन शहर में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों से अचानक बड़ी मात्रा में मलबा गिर गया, जिसकी चपेट में कई घर आ गए। बताया जा रहा है कि भूस्खलन से करीब 10 से 15 मकान प्रभावित हुए हैं। इनमें कई पक्के मकान भी शामिल हैं, जो मलबे में दब गए या क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन के अनुसार, हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं कुछ अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल लगातार खोज अभियान चला रहे हैं। राहत कार्य में जुटी टीमों को खराब मौसम, लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से गिर रहे मलबे के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
भूस्खलन के बाद घटनास्थल पर तुरंत बचाव दलों को तैनात किया गया। NDRF, असम राइफल्स और स्थानीय पुलिस की टीमें भारी उपकरणों की मदद से मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं। अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान लगातार जारी है और प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना है। बचाव दलों ने अब तक मलबे से कुछ शव बरामद किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, एक महिला और एक पुरुष का शव बरामद किया गया है। हालांकि खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण राहत कार्यों की गति प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव
मोन शहर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। पहाड़ियों से लगातार मलबा गिरने के कारण कई प्रमुख सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया है। कुछ क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, पहाड़ी ढलानों, नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। अधिकारियों ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन ने शुरू किए राहत कार्य
नागालैंड स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉनी रोंगमेई ने बताया कि रविवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति बनी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत शिविरों की व्यवस्था की जा रही है ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखा जा सके।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने जताया दुख
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने मोन शहर में हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।
सभी एजेंसियां राहत अभियान में जुटीं
उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि लोगों की मदद के लिए सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और असम राइफल्स की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में पूरी ताकत से जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नागालैंड जैसे पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल मोन शहर में बचाव अभियान जारी है और मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं।