सरकारी बैन की उड़ाई धज्जियां! डेयरी पर देर रात छापा, 25 क्विंटल नकली पनीर जब्त
एनालॉग पनीर
Sehore सीहोर। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले ‘एनालॉग पनीर’ के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद सीहोर में इसके उत्पादन का मामला सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और संभागीय उड़न दस्ता भोपाल की संयुक्त टीम ने पचामा गांव स्थित रुद्रांश डेयरी फैक्ट्री में बुधवार देर रात अचानक छापामार कार्रवाई की। टीम ने फैक्ट्री से करीब 25 क्विंटल अमानक और कथित नकली एनालॉग पनीर जब्त किया है। कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से पनीर के नमूने भी लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैन के बाद भी नहीं रुका उत्पादन
जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद प्रशासन ने डेयरी और खाद्य कारोबारियों पर निगरानी बढ़ाई है। इसके बावजूद पचामा स्थित रुद्रांश डेयरी में बड़े पैमाने पर एनालॉग पनीर के निर्माण की शिकायत सामने आई थी। बताया गया है कि 12 अगस्त को प्रतिबंध लागू होने के तुरंत बाद भी इसी फैक्ट्री से 2 क्विंटल से ज्यादा एनालॉग पनीर पकड़ा गया था। इसके बाद भी उत्पादन जारी रहने की जानकारी मिलने पर विभागीय टीम ने दोबारा कार्रवाई की।
देर रात अचानक पहुंची संयुक्त टीम
बुधवार देर रात खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और संभागीय उड़न दस्ता भोपाल की संयुक्त टीम फैक्ट्री पहुंची। अचानक हुई कार्रवाई से डेयरी परिसर में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने फैक्ट्री में मौजूद खाद्य सामग्री और तैयार उत्पाद की जांच की। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अमानक पनीर मिलने के बाद टीम ने उसे जब्त कर लिया। अधिकारियों ने उत्पादन प्रक्रिया और फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
स्वास्थ्य के लिए बताया जा रहा है नुकसानदायक
एनालॉग पनीर पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग होता है और इसमें दूध के स्थान पर या उसके साथ अन्य वसा एवं सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत निर्धारित मानकों का पालन किए बिना ऐसे उत्पाद का निर्माण और बिक्री उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन सकता है। प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे अमानक खाद्य उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाना है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पहले कार्रवाई, फिर भी जारी रहा कारोबार
रुद्रांश डेयरी पर पहले भी कार्रवाई होने के बावजूद दोबारा बड़ी मात्रा में एनालॉग पनीर मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है। अब विभागीय जांच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंध के बावजूद उत्पादन किस तरह जारी रहा और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। फिलहाल 25 क्विंटल उत्पाद जब्त किए जाने के बाद प्रशासन की कार्रवाई जारी है। प्रयोगशाला जांच और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।