Shimla. शिमला। हिमाचल में लोक निर्माण विभाग के तहत होने वाले विकास कार्यों का लेखा-जोखा अब एक किलक पर मिल सकेगी। राज्य सरकार ने वक्र्स एंड अकाउंट्स मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (वामिस) को लागू कर दिया है। इसके लिए राज्य के फील्ड में तैनात 900 कनिष्ठ अभियंताओं (जेई)को राज्य सरकार एक हजार रुपए प्रतिमाह भत्ता भी देगी। लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव ने इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी है। प्रदेश मंत्रिमंडल की हाल ही में हुई बैठक में लोक निर्माण विभाग में वामिस लागू करने और इसके लिए प्रदेश के 900 जेई को एक हजार रुपए मासिक भत्ता देने का फैसला लिया है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग में इस व्यवस्था को लागू करने की अधिसूचना भी जारी कर दी है। लोक निर्माण विभाग का कहना है।
वामिस प्रणाली का उद्देश्य विभाग के सभी निर्माण कार्यों को एकीकृत डिजिटल मंच पर लाना है। इसके माध्यम से सडक़, पुल, भवन और अन्य विकास कार्यों की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज होगी। इस प्रणाली में सबसे महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी फील्ड में तैनात जूनियर इंजीनियरों की होगी। उन्हें निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ-साथ माप पुस्तिका तैयार करनी होगी, कार्य की प्रगति को नियमित रूप से प्रणाली में अपलोड करना होगा, तकनीकी विवरण दर्ज करना होगा और ठेकेदारों के बिलों के सत्यापन के लिए आवश्यक सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध करानी होंगी। इसके अलावा निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री, कार्य की गुणवत्ता, समय-सीमा और अन्य तकनीकी जानकारियों को भी समय-समय पर प्रणाली में अपडेट करना होगा।
किसी भी परियोजना की प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति, निविदा जारी होने से लेकर कार्यादेश, निर्माण की प्रगति, माप पुस्तिका, सामग्री की खपत, ठेकेदारों के बिल, भुगतान, बजट की उपलब्धता और व्यय का पूरा रिकॉर्ड इसी प्रणाली में सुरक्षित रखा जाएगा। इससे अधिकारियों को कभी भी, किसी भी परियोजना की वास्तविक स्थिति देखने में सुविधा होगी। किसी परियोजना पर कितना बजट स्वीकृत हुआ, कितना खर्च हुआ, कितना भुगतान लंबित है और किस स्तर पर फाइल रुकी हुई है, इसकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। इससे अनावश्यक देरी कम होगी और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। राज्य सरकार का मानना है कि विभाग में वामिस प्रणाली के माध्यम से निर्माण कार्यों का प्रबंधन, वित्तीय नियंत्रण, कार्यों की निगरानी तथा जवाबदेही पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी।