Dehradun. देहरादून। उत्तराखंड जैसे आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य में अग्निशमन विभाग की भूमिका केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी आपदा या आपातकालीन परिस्थिति में यह महत्वपूर्ण प्रथम प्रतिक्रिया बल के रूप में काम करता है। इसी उद्देश्य से अग्निशमन सेकेंड ऑफिसर के 21 प्रशिक्षुओं ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का भ्रमण किया।
उत्तराखंड अग्निशमन विभाग के ये प्रशिक्षु छह महीने का प्रशिक्षण ओडिशा से पूरा करने के बाद वर्तमान में एक महीने का व्यावहारिक प्रशिक्षण ले रहे हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उन्हें प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र ने कहा कि उत्तराखंड में अग्निशमन विभाग किसी भी आपदा के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भूकंप, भूस्खलन, सड़क दुर्घटना, भवन दुर्घटना, आगजनी या अन्य आपातकालीन घटनाओं के दौरान प्रभावित लोगों तक तत्काल पहुंचना और खोज एवं बचाव अभियान चलाना इसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी अग्निशमन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रशिक्षुओं को आधुनिक रेस्क्यू तकनीकों और विभिन्न एजेंसियों के साथ तालमेल की प्रक्रिया को गंभीरता से समझने की सलाह दी गई, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव अभियान प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सके।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी ने प्रशिक्षुओं को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूमिका और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूएसडीएमए आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के साथ आपदा के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में काम करता है।
उन्होंने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र इस पूरी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रशिक्षुओं को यह भी समझाया गया कि किसी आपदा की सूचना मिलने के बाद संबंधित जिलों और विभागीय अधिकारियों तक जानकारी किस प्रकार पहुंचाई जाती है और जरूरत के अनुसार रिस्पांस एजेंसियों को कैसे सक्रिय किया जाता है।
प्रशिक्षुओं ने राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के बीच होने वाले समन्वय की प्रक्रिया को भी समझा। व्यावहारिक प्रशिक्षण का उद्देश्य अग्निशमन अधिकारियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जहां त्वरित निर्णय और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता होती है। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, अग्निशमन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एसके राणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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