Shimla. शिमला। ईको टूरिज्म साइट्स को चिन्हित करने के लिए प्रदेश में स्थानीय स्तर पर भी लोग दिलचस्पी दिखाने लगे है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आधा दर्जन ईको टूरिज्म साइट्स को खुद लोगों ने चिन्हित कर इसके प्रस्ताव वन विभाग को सौंपे हंै। इस पर विभाग ने अब संबंधित वन मंडल अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति का पता लगाकर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग के तहत गठित ईको टूरिज्म सोसायटी इस पर आगामी कदम उठाएगी। बहरहाल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए सुक्खू सरकार की पहल पर स्थानीय स्तर पर ईको टूरिज्म के लिए लोग आगे आ रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 में अपनी ईको टूरिज्म पॉलिसी में संशोधन किया है। इसके तहत स्थानीय स्तर पर भी ईको टूरिज्म साइट्स को चिन्हित करने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गई है। उधर, ईको टूरिज्म साइट्स चिन्हित करने के लिए अब स्थानीय स्तर पर भी लोग आगे आने लगे हैं। प्रदेश के कुल्लू, शिमला और सोलन जिला से छह प्रस्ताव वन विभाग को मिले हैं, जिनमें ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं बताई गई हैं और इस पर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह विभाग से किया गया है। विभाग का कहना है कि प्रस्ताव पर आगामी कार्रवाई करते हुए संबंधित डीएफओ को इन प्रस्तावों को भेजा गया है। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और देखेंगे कि चिन्हित स्थलों पर ईको टूरिज्म की क्या-क्या संभावनाएं है। इसके बाद रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय भेजी जाएगी। सरकार की अनुमति मिलने के उपरांत ही इनका आबंटन संभव है।