Bhopal भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर जिले की बांदा तहसील के तीन गांवों में कथित जहरीली शराब पीने के बाद कई लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद आबकारी और पुलिस विभाग के कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक, गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांव में शनिवार देर रात से रविवार सुबह के बीच शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी। स्थानीय लोगों के अनुसार, पीड़ितों को उल्टी और सिरदर्द जैसी शिकायतें हुईं, जिसके बाद कुछ लोगों की हालत गंभीर हो गई।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और आबकारी सब-इंस्पेक्टर रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया। डिप्टी कमिश्नर नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। वहीं, पुलिस विभाग ने बांदा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गुगरा चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर पूरन लाल लाडिया को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों को प्रभावित लोगों की तत्काल जांच, राहत और उचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच शुरू की गई है। शराब के नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया है। शुरुआती जांच में मिथाइल अल्कोहल की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद होगी। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्थानीय शराब दुकानों को सील कर दिया है। संदिग्ध शराब की सप्लाई कहां से हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।
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