घुमारवीं। सावन माह के पहले सोमवार को घुमारवीं स्थित प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिॄलग शिवधाम पन्याला में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तडक़े सुबह से ही ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। दिनभर मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल और दर्शन व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए थे। स्वयंसेवकों की तैनाती से श्रद्धालुओं ने सुव्यवस्थित ढंग से दर्शन किए।
\मंदिर के पुजारी बाबा धर्मवीर ने बताया कि एक ही परिसर में देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक शिवलिंग स्थापित होने के कारण इस धाम का विशेष धार्मिक महत्व है, जिससे हिमाचल सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर के समीप बहने वाले पन्याला नाले और कैलाश पर्वत नामक कृत्रिम टीले पर भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं। यहां भक्तों के लिए कैलाश परिक्रमा मार्ग भी बनाया गया है। हाल ही में परिसर में साक्षी गोपाल मंदिर का भी निर्माण किया गया है। धाम में काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, केदारनाथ, महाकालेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, बैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वर, घृष्णेश्वर, मल्लिकार्जुन और ममलेश्वर सहित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक शिवलिंग स्थापित हैं। इसके अलावा भगवान गणेश, हनुमान और साक्षी गोपाल की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं।