सात माह के नवजात के पेट से निकला 2 किलों का भ्रूण

डॉक्टर भी हुए हैरान

Update: 2023-07-28 15:28 GMT
नई दिल्ली। सात माह के नवजात के पेट से सरोजनी नायडू बाल रोग चिकित्सालय (चिल्ड्रेन अस्पताल) में ऑपरेशन कर भ्रूण निकाला गया। डॉक्टरों के मुताबिक भ्रूण दो किग्रा का था और अब बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित है। कुंडा की एक महिला की सात माह पहले बच्चे के जन्म के दौरान ही मौत हो गई थी। बच्चे का पेट दिनोंदिन फूलता जा रहा था और उसे सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। साथ ही वजन भी कम होने लगा। परेशान पिता बच्चे को लेकर एसजीपीजीआई लखनऊ भी गया लेकिन फिर लौट आया। एक सप्ताह पहले बच्चे को चिल्ड्रेन अस्पताल में दिखाया।
डॉक्टरों को पहले ट्यूमर की आशंका थी लेकिन जब सीटी स्कैन कराया गया तो मासूम के पेट में भ्रूण दिखा। शुक्रवार को डॉ. डी कुमार, डॉ. नीतू और डॉ. अरविंद यादव की टीम ने करीब चार घंटे के तक चले ऑपरेशन में बच्चे के पेट से भ्रूण को निकाला। डॉ. डी कुमार ने बताया कि देश में इस तरह के केस अपवाद रूप में ही देखने को मिलते हैं। उन्होंने बताया कि दो स्पर्म और दो ओवम मिलकर दो जाइगोट बनाने से इस तरह की परिस्थिति बनती है। पहले जाइगोट से बच्चा बनता है और दूसरा जाइगोट बच्चे के भीतर चला जाता है जिससे पेट में भ्रूण बनने लगता है। यही दूसरा जाइगोट अगर बच्चे के शरीर से बाहर यानी मां के गर्भ में बनता तो जुड़वा बच्चे का रूप धारण कर लेता। चिकित्सकीय साइंस में इसे फीट्स इन फीटू के नाम से जाना जाता है।
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