शादी का झांसा देकर युवती से 70 हजार की ठगी, फर्जी लेफ्टिनेंट गिरफ्तार
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New Delhi. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शाहदरा जिले के फर्श बाजार थाना क्षेत्र में एक युवक ने खुद को पैरा कमांडो लेफ्टिनेंट बताकर एक युवती को शादी का झांसा दिया और करीब 70 हजार रुपये ठग लिए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से आर्मी की वर्दी और फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किया है।
मामला कैसे खुला?
पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर को फर्श बाजार थाने में पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वाली युवती दमिनी (28 वर्ष), निवासी भोलानाथ नगर ने बताया कि एक युवक लंबे समय से उसे शादी का भरोसा दिला रहा था और इस बीच उसने पैसे भी लिए। दमिनी ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने खुद को पैरा कमांडो में लेफ्टिनेंट पद पर होने का दावा किया। वह कई बार आर्मी की वर्दी पहनकर उससे मिलने आया, जिससे दमिनी को उस पर पूरा भरोसा हो गया। धीरे-धीरे उसने पैसों की मांग शुरू की और दमिनी ने कैश और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए लगभग 70,000 रुपये उसे दे दिए। लेकिन बाद में जब उसके आचरण पर शक हुआ तो दमिनी ने हिम्मत दिखाते हुए पीसीआर कॉल कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही फर्श बाजार थाना पुलिस सक्रिय हो गई। एसएचओ इंस्पेक्टर अजय करण शर्मा के नेतृत्व में और एसीपी संजय कुमार की निगरानी में एसआई विनय, एएसआई शिव कुमार सोलंकी और कांस्टेबल विक्रांत की टीम ने जांच शुरू की। 2 सितंबर को मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान दीपांशु (23 वर्ष), निवासी संजीव नगर, कानपुर के रूप में हुई।
आरोपी का सच सामने आया
जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस के मुताबिक दीपांशु का पिता सेना में हवलदार रह चुका है। परिवार की पृष्ठभूमि से उसे सेना के बारे में बुनियादी जानकारी थी। दीपांशु ने एनडीए परीक्षा दी थी, लेकिन असफल रहा। इसके बावजूद उसने अपने परिवार से झूठ बोला कि उसका चयन हो गया है और वह ट्रेनिंग के लिए खड़कवासला (पुणे) जा रहा है। अपनी बात साबित करने के लिए दीपांशु ने ऑनलाइन पोर्टल से एक पासआउट लिस्ट निकाली, जिसमें संयोग से "दीपांशु" नाम का जिक्र था। उसने वही लिस्ट अपने परिवार को दिखा दी और उन्हें गुमराह कर दिया। असल में वह कानपुर में छोटे-मोटे काम करता रहा। लेकिन समाज में इज्जत और पहचान पाने के लिए वह अक्सर फर्जी लेफ्टिनेंट की भूमिका निभाता और शादी समारोहों में यही झूठ दोहराता।
ऐसे फंसी युवती
शादी के एक समारोह में दीपांशु की मुलाकात दमिनी से हुई। उसने आर्मी की वर्दी और अपने आत्मविश्वास के दम पर खुद को पैरा कमांडो लेफ्टिनेंट बताया। दमिनी नोएडा में एक मेडिकल स्टोर चलाती है और पढ़ी-लिखी होने के बावजूद आर्मी की वर्दी देखकर प्रभावित हो गई। यही नहीं, कई बार दीपांशु आर्मी ड्रेस में उससे मिलने पहुंचा, जिससे उसका भरोसा और गहरा हो गया। बाद में धीरे-धीरे उसने पैसों की मांग शुरू की और शादी का वादा करके उसे भावनात्मक रूप से फंसा लिया।
पुलिस ने बरामद किए सबूत
आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से
आर्मी की वर्दी
फर्जी पहचान पत्र
और कुछ अन्य दस्तावेज बरामद किए।
ये सभी सामग्री यह साबित करने के लिए पर्याप्त थी कि वह लंबे समय से फर्जी लेफ्टिनेंट बनकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी दीपांशु के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच की जा रही है कि उसने कितने और लोगों को इसी तरह धोखे में रखा और कितनी रकम वसूली। फिलहाल, पुलिस ने दमिनी की शिकायत पर ही कार्रवाई की है लेकिन संभावना जताई जा रही है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। फर्श बाजार थाना पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर भरोसा न करें, चाहे वह आर्मी की वर्दी पहने हो। असली सेना अधिकारी की पहचान और दस्तावेज आसानी से सत्यापित किए जा सकते हैं। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत 100 या 112 नंबर पर सूचना दें।