नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, 2.59 लाख रुपये के जाली नोट समेत तीन गिरफ्तार

बड़ी खबर

Update: 2025-08-23 17:04 GMT
Saharanpur. सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में जाली नोट और उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मौके से 2.59 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए, जो सभी 500-500 रुपये के थे। यही नहीं, आरोपियों के पास से नोट छापने की मशीनें, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य उपकरण भी मिले हैं। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कोतवाली सदर बाजार, थाना कतुबशेर पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्यवाही के तहत की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि सदर बाजार क्षेत्र के लोको पायल ट्रेनिंग सेंटर के पास खाली पड़े रेलवे क्वार्टर में कुछ लोग नकली नोट छाप रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर तीनों आरोपियों को धर दबोचा।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शशी उर्फ सर्वेश उर्फ राहुल गुप्ता (पुत्र राम विलास विश्वकर्मा, निवासी ग्राम नगेलिनपुर पटारा, कानपुर), नवीन पासवान (पुत्र अनिल पासवान, निवासी मुकुल द्वार बेलपार थाना भड़लगंज, गोरखपुर) और करणवीर (पुत्र बलजीत कुमार, निवासी गिल्लौर थाना रादौर, यमुनानगर, हरियाणा) के रूप में की है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लंबे समय से नकली नोट छापकर आधी कीमत पर बाजार में बेचते थे। उनका नेटवर्क उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार समेत कई राज्यों में फैला हुआ है।

जब्त सामान और बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 2.59 लाख रुपये नकली नोटों के अलावा छह मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक प्रिंटर, फोटो कटर, लैपटॉप चार्जर, 72 कोरी शीट, हाई क्वालिटी इंक, छह आधार कार्ड, पर्स, बाइक, बल्ब और बिजली के तार बरामद किए हैं। बरामद सामान से साफ है कि आरोपी तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल करके असली जैसे दिखने वाले नकली नोट तैयार करते थे। खास बात यह रही कि पुलिस की जांच में सभी नोट 500 रुपये के ही निकले।

पहले भी हो चुकी थी गिरफ्तारी
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस गिरोह के दो खरीदारों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दो दिन पहले कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने गुरुद्वारा रोड निवासी वंश और रूपल को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से पांच हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। पूछताछ में दोनों ने बताया था कि उन्होंने नकली नोट इन्हीं आरोपियों से आधी कीमत पर खरीदे थे। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने गिरोह तक पहुंचने में सफलता पाई।

अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो सीमावर्ती जिलों और बड़े शहरों में नकली नोटों की सप्लाई करते थे। इनके तार यूपी, हरियाणा, दिल्ली और बिहार तक फैले होने की संभावना है। पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली नोटों की सप्लाई किन-किन जगहों पर की गई और कितनी मात्रा में जाली नोट बाजार में खपाए गए।

आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 489-A, 489-B और 489-C के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत नकली नोट छापना, उन्हें छापने के उपकरण रखना और नकली नोटों की सप्लाई करना गंभीर अपराध है, जिसके लिए लंबी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके मोबाइल व लैपटॉप की डिटेल खंगाली जा रही है ताकि नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

बढ़ता खतरा और पुलिस की सख्ती
पुलिस का मानना है कि नकली नोटों का कारोबार देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे नोट न केवल आम जनता को ठगते हैं बल्कि अपराधियों को फंडिंग का जरिया भी उपलब्ध कराते हैं। हाल के वर्षों में यूपी, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में नकली नोटों के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं। सहारनपुर पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब त्योहारी सीजन नजदीक है और नकली नोटों के प्रचलन की आशंका बढ़ जाती है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नकली नोटों को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
Tags:    

Similar News