Shimla. शिमला। रेहड़ी-फड़ी तयबजारी यूनियन (सीटू) ने मंगलवार को नगर निगम शिमला प्रशासन के खिलाफ डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। यूनियन ने आरोप लगाया कि तहबाजारियों के साथ धक्कामुक्की, मारपीट की गई और एक महिला तहबाजारी अंजलि की बाजू भी तोड़ दी गई। दो घंटे के विरोध के बाद तहबाजारी नगर निगम के संयुक्त आयुक्त कार्यालय पहुंचे और करीब एक घंटे तक सत्याग्रह किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, लेकिन एसपी के उपलब्ध न होने पर प्रतिनिधिमंडल ने डीएसपी डाक्टर अमित ठाकुर से मुलाकात कर अंजलि की बाजू तोडऩे वाले आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विजेंद्र मेहरा, अमित कुमार, बालक राम, विवेक कश्यप, दर्शन लाल और शब्बू आलम ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 और वर्ष 2007 की सुप्रीम कोर्ट पॉलिसी को लागू करवाने के लिए आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पिछले छह महीनों से शिमला शहर के कई इलाकों से तहबाजारियों को हटाया जा रहा है, परंतु उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि बेदखली बंद नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा। कैबिनेट सब कमेटी के नाम पर तहबाजारियों से अतिरिक्त दस्तावेज और एफिडेविट मांगना पूरी तरह अव्यावहारिक और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है। यूनियन ने निर्णय लिया कि अब कोई भी तहबाजारी आधार कार्ड के अलावा कोई दस्तावेज जमा नहीं करेगा। यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि मोमो, बर्गर, चाऊमीन आदि बनाने वाले तहबाजारियों के गैस चूल्हे व स्टोव जब्त किए जा रहे हैं और प्रतिदिन 1,000 रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है, जो स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के विरुद्ध है। कई स्थानों पर ‘नो वेंडिंग जोन’ के नाम पर तहबाजारियों को प्रताडि़त किया जा रहा है।