विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से बैठक जारी
मंत्री एस. जयशंकर, मंत्री रुबियो
Washington वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए भारी-भरकम आयात शुल्क के बाद पहली बार भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार, 22 सितंबर को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से वॉशिंगटन में मुलाकात की। यह बैठक दोनों देशों के व्यापार और आर्थिक संबंधों को लेकर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में मुख्य रूप से भारत-अमेरिका व्यापारिक मुद्दों, आयात शुल्क, और दोनों देशों के आर्थिक सहयोग के अवसर पर चर्चा हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक असंतुलन को दूर करना और भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए शुल्क के असर को कम करना था।
जयशंकर और रुबियो ने व्यापार, निवेश, और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की। इसके अलावा सुरक्षा, रणनीतिक सहयोग, और तकनीकी साझेदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने इस दौरान भारत के महत्व और दोनों देशों के लंबे समय से चल रहे मजबूत संबंधों पर जोर दिया। मुलाकात के बाद जारी बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष व्यापार और निवेश में पारदर्शिता और सहयोग बढ़ाने के लिए लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा भारतीय पक्ष ने अमेरिका से अपेक्षा जताई कि भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए अतिरिक्त आयात शुल्क पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि व्यापारिक संबंध दोनों देशों के लिए लाभकारी बने रहें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में पहला कदम है। व्यापारिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि दोनों देशों के बीच सहयोग और संवाद बढ़ता है तो यह दूसरे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सहयोग का मार्ग प्रशस्त कर सकता है, जैसे तकनीकी निवेश, ऊर्जा सहयोग और रक्षा क्षेत्र। जयशंकर की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में तनाव देखा जा रहा है, विशेषकर कृषि और उद्योग क्षेत्र में। दोनों पक्षों ने इस बैठक के दौरान संवाद और समझौते के लिए खुला मंच बनाए रखने का संकल्प जताया।