Jaipur. जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED), जयपुर ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 12 जून 2025 को नेक्सा एवरग्रीन फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर, सीकर, झुंझुनूं और अहमदाबाद में कुल 25 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई नेक्सा ग्रुप से जुड़ी कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ कथित आर्थिक अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई। इस छापेमारी के दौरान 2.04 करोड़ रुपये नकद, महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेज, और कई डिजिटल डिवाइसेज़ (जैसे कंप्यूटर, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव आदि) को जब्त किया गया। इसके अलावा, ईडी ने नेक्सा ग्रुप से जुड़ी कंपनियों और सहयोगियों के बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी खातों में जमा लगभग 15 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया है।


क्या है नेक्सा एवरग्रीन फ्रॉड?
नेक्सा एवरग्रीन ग्रुप के खिलाफ यह मामला कथित तौर पर फर्जी निवेश योजनाओं और पोंजी स्कीमों के जरिये आम जनता से भारी मात्रा में धन एकत्रित करने से जुड़ा है। शुरुआती जांच में सामने आया कि समूह ने निवेशकों को गारंटीड रिटर्न और मुनाफे का लालच देकर उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की। इस फर्जीवाड़े में जुटाई गई रकम को बाद में विभिन्न कंपनियों, फर्जी खातों और क्रिप्टो संपत्तियों के जरिये खपाया गया, जिससे मनी ट्रेल छिपाई जा सके। प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी कार्रवाई में यह भी पाया कि समूह ने कई शेल कंपनियां बनाकर उनके जरिये लेनदेन किया और बड़ी मात्रा में धन को हवाला और डिजिटल माध्यमों से इधर-उधर किया गया, जिससे इसके स्रोत और गंतव्य को छिपाया जा सके।
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