Hamirpur. हमीरपुर। शिमला-मटौर फोरलेन के चीलबाहल से कोहली तक के टू-लेन पैच में मस्याणा के जंगल में मनमाने तरीके से पेड़ काटने के लगे आरोपों और पहाड़ी पर बिना अनुमति के ब्लास्टिंग किए जाने के मामले में शुक्रवार को फोरेस्ट विभाग के अधिकारी और एनएचएआई की टीम मौके का मुआयना करने पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने यहां पर 90 डिग्री की सीध में काटी गई पहाड़ी और कुणाह खड्ड में डपिंग पर एक्शन लिया है और डैमेज रिपोर्ट (डीआर) काटी गई है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि ब्लास्टिंग के लिए अनुमति ली गई है। उन्होंने माना कि बरसात के कारण जहां कहीं ब्लॉकेज हुई है उसे दुरुस्त किया जाएगा।
वन महकमे के अनुसार जिस तरह कटिंग की गई है, वो गलत की गई है इसके लिए बकायदा कंडीशन थी कि कटिंग किस तरह की जानी है। स्थानीय लोगों के अनुसार बीते कुछ दिनों से लगातार यहां पर ब्लास्टिंग से मस्याणा जंगल की पहाड़ी पर कंपन हो रही है, जिससे लोग भी दहश्त में हैं। पहाड़ी के मलबे को सीधा कुणाह खड्ड में फेंका जा रहा है। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए काम को रुकवा दिया गया है। ग्रामीण अशोक कुमार व विजय कुमार के अनुसार कई दफा प्रशासन, एनएचएआई को सूचित किया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। सैकड़ों पेड़ मलबे में दफन कर दिए गए है। दुकानों में पहाड़ी से कटा मलबा घुसा है। कई दफा इस बारे में प्रशासन को बताया गया। मुख्यमंत्री हेल्फलाइन पर शिकायत की गई है।