नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को दुनिया भर के लोगों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और इस त्योहार के उस संदेश को रेखांकित किया, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
उन्होंने नागरिकों से यह भी अपील की कि वे त्योहार के इस मौसम में स्वदेशी उत्पादों को खरीदें और इस तरह स्थानीय कारीगरों, व्यापारियों और व्यवसायों को समर्थन दें।
'X' (ट्विटर) पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा, "दुनिया भर में रह रहे मेरे सभी भाइयों और बहनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत एक जीवंत संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विविधता से संपन्न है। दीपावली का त्योहार सभी लोग बहुत उत्साह के साथ मनाते हैं।"
इस बात पर जोर देते हुए कि त्योहार मनाने के तरीकों और समय में अंतर होने के बावजूद इसका महत्व हमेशा एक जैसा रहता है, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा, "त्योहार मनाने का समय अलग-अलग हो सकता है, लेकिन इसके पीछे की भावना और विचार एक ही हैं। यह इस सार्वभौमिक विश्वास पर आधारित है कि प्रकाश अंधकार को दूर करता है, धर्म की हमेशा जीत होती है, और बुराई पर अच्छाई की विजय होती है। दीपावली 'सत्यमेव जयते' के उस महान आदर्श को दर्शाती है, जिसका अर्थ है - केवल सत्य की ही जीत होती है।"
त्योहार के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, "भारत की आध्यात्मिक विरासत और जीवन जीने का तरीका हमें सिखाता है कि हमारे दिल और दिमाग प्रेम के प्रकाश से जगमगाने चाहिए।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में देश की प्रगति का जिक्र करते हुए, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने गरीबी उन्मूलन, आवास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में कई उपलब्धियों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, "हमने कई नए मील के पत्थर हासिल किए हैं। उदाहरण के लिए, 50 करोड़ लोगों को घोर गरीबी से बाहर निकाला गया है। यह एक नया ऐतिहासिक मील का पत्थर है। गरीबों के लिए 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नल से पीने का पानी पहुंचाने की सुविधा 82 प्रतिशत से अधिक घरों तक पहुंच गई है। 3 करोड़ से अधिक 'लखपति दीदियां' बनी हैं, जो महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही हैं। अब सभी गांवों में बिजली पहुंच चुकी है। सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे और बंदरगाहों के रूप में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है।"
उपराष्ट्रपति ने लोगों से आह्वान किया कि वे इस त्योहार को स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के अवसर के रूप में मनाएं। उन्होंने नागरिकों से देश भर के कारीगरों, व्यापारियों और व्यवसायियों को अपना समर्थन देने का आग्रह किया। उप-राष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा, "इस दिवाली, आइए हम स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करके और स्थानीय व्यापारियों व कारोबारियों का समर्थन करके त्योहार मनाएं। आइए हम स्वदेशी उत्पादों को खरीदें और अपनी मातृभूमि भारत में बनी चीजों को बढ़ावा देने में गर्व महसूस करें। अज्ञानता के अंधेरे को दूर करने के लिए हर घर में दीये जलाएं, ताकि हमारी आकांक्षाएं पूरी हों और हमें बुद्धि, ज्ञान और खुशियों का आशीर्वाद मिले।"
उन्होंने आगे कहा, "आइए हम सब मिलकर दिवाली को खुशी, भव्यता और धूमधाम के साथ मनाएं।"
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