500 और 200 के नकली नोटों का बड़ा खेल बेनकाब, पांच अरेस्ट, YouTube से सीखा
बड़ी सफलता.
सांकेतिक तस्वीर
शहडोल: मध्य प्रदेश में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। शहडोल दीपावली पर बाजारों में जहां असली नोटों की चमक बढ़ने वाली थी, वहीं शहडोल में पांच शातिरों ने नकली नोटों का बाजार सजाने की तैयारी कर ली थी। यूट्यूब से सीखा नकली नोट छापने का तरीका, रंगीन प्रिंटर से तैयार की लाखों की फर्जी करेंसी और दीपावली के बाजार में उसे खपाने की योजना बना ली, लेकिन बाजार में नकली नोटों की सप्लाई शुरू होती, उससे पहले ही शहडोल पुलिस ने इस गोरखधंधे का पर्दाफाश कर दिया। खैरहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने 8 लाख 71 हजार रुपये से अधिक के नकली नोटों के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जिले के खैरहा थाना क्षेत्र निवासी मास्टरमाइंड अरविंद सिंह ने यूट्यूब से नकली नोट बनाने का तरीका सीखा और अपनी दुकान में कलर प्रिंटर के जरिए 500 और 200 रुपये के नकली नोट छापने शुरू कर दिए। इस काम में उसका दोस्त शरद सिंह मरावी निवासी नागूला, राजेंद्रग्राम भी शामिल था। आरोप है कि दोनों मिलकर नकली करेंसी तैयार कर रहे थे,वहीं मनीष कुमार, अनिल कुमार और नन्हे सिंह मरकाम नकली नोट खरीदने के लिए पहुंचे थे। इस नेटवर्क में अमलाई निवासी रवि सिंह की भूमिका भी सामने आई है, जिसने कथित तौर पर प्रिंटर उपलब्ध कराया था। देर रात खैरहा पुलिस ने ग्राम छिरहटी के पास घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को पकड़ा। तलाशी में 500 रुपये के 1702 और 200 रुपये के 101 नकली नोट बरामद हुए। इसके अलावा प्रिंटर और मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस ने मामले में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य कनेक्शन खंगाल रही है। खास बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों में अतिथि शिक्षक और सेल्समैन जैसे पेशों से जुड़े लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले में शहडोल एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में नकली भारतीय करेंसी के कारोबार के खिलाफ खैरहा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 500 और 200 रुपये के कुल 1,803 जाली नोट, जिनकी कीमत करीब 8 लाख 71 हजार रुपये है, बरामद किए गए हैं। साथ ही नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल किया गया प्रिंटर और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने यूट्यूब से नकली नोट बनाने का तरीका सीखा था, मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क की जांच की जा रही है।