कुल्लू के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) जयबंती ठाकुर ने दिवाली के दौरान पटाखों की बिक्री और उनके इस्तेमाल को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, केवल 'ग्रीन पटाखों' (पर्यावरण के अनुकूल पटाखों) की अनुमति होगी और इन्हें दिवाली के दिन रात 8 बजे से रात 10 बजे के बीच ही जलाया जा सकेगा।
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि केवल उन्हीं लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति होगी, जिनके पास 'पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन' (PESO) का वैध परमिट है। पटाखों की अस्थायी दुकानों को आग से सुरक्षा के सभी तय नियमों का पालन करना होगा। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और अन्य 'साइलेंस ज़ोन' (शांत क्षेत्रों) में पटाखे फोड़ने पर रोक लगा दी गई है। पटाखे केवल तय की गई सुरक्षित जगहों पर ही जलाए जा सकते हैं, जो बाजारों और रिहायशी इलाकों से दूर हों। तय शोर-सीमा से अधिक शोर करने वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि लड़ी वाले पटाखों (माला के रूप में जुड़े पटाखों) के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक है। कुल्लू उप-मंडल में पटाखे बेचने और सार्वजनिक रूप से आतिशबाजी करने के लिए छह जगहों को चिह्नित किया गया है।