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तमिलनाडु के वित्त मंत्री को चेन्नई एयरपोर्ट पर सुरक्षा बल के एक जवान ने रोक दिया। इसके बाद एयरपोर्ट पर काफी देर तक हंगामा मच गया। दरअसल गुरुवार की अहले सुबह करीब 5.50 मिनट पर तमिलनाडु के वित्त मंत्री पलानीवेल थियागरान को एयरपोर्ट पर सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स यानी सीआईएसएफ के अधिकारी ने उन्हें रोका। बताया जा रहा है कि वित्त मंत्री थुथूकुडी जा रहे थे और इस दौरान घरेलू टर्मिनल पर उन्होंने अपना सामान स्कैनिंग के लिए रखा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारी ने मंत्री से कहा कि एक शख्स दो लैपटॉप लेकर नहीं जा सकता। हालांकि, बाद में उनहोंने माना कि ऐसा कोई नियम नहीं है। जब एयरपोर्ट पर अधिकारियों को यह पता चला कि उन्होंने जिस शख्स को दो लैपटॉप होने की वजह से रोका है वो राज्य के वित्त मंत्री हैं तब आनन-फानन में सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचे और उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि गलतफहमी की वजह से ऐसा हुआ था। चेन्नई एयरपोर्ट पर तैनात एक अधिकारी ने कहा, 'यह एक मिस कम्यूनिकेशन का मामला है। सीआईएसएफ के सब-इंस्पेक्टर ने जरुर यह सोचा कि मंत्री के पास एक लैपटॉप है दो नहीं। उसने उन्हें लैपटॉप को ट्रे में रखने के लिए कहा। जिसे मंत्री समझ नहीं पाए। सीआईएसएफ का अधिकारी नॉर्थ इंडिया से थे और वो तमिल ठीक से समझ नहीं सके। तमिल समझ में नहीं आने की वजह से यह समस्या आई। हमने फुटेज देखी है और वहां सुरक्षा जांच के वक्त कुछ भी इशु नहीं आया था।' बता दें कि मंत्री के साथ अधिकारी की कुछ देर बहस भी हुई थी। हालांकि, इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी वहां तुरंत पहुंचे थे और उन्होंने मंत्री से माफी भी मांगी थी। उस सीआईएसएफ अधिकारी ने भी माफी मांगी थी।

आपको याद दिला दें कि डीएमके की सांसद कनिमोझी ने अगस्त 2020 में अपने साथ हुए एक ऐसे ही वाकये को ट्विटर पर बताया था। उन्होंने बताया था कि वो जब दिल्ली जाने के लिए चेन्नई एयरपोर्ट पर मौजूद थीं तब उन्होंने एक महिला अधिकारी से कहा था कि वो तमिल या अंग्रेजी में बात करें। इसपर महिला अधिकारी ने उनसे पूछा था कि क्या वो भारतीय हैं? कनिमोझी ने सवाल उठाया था कि मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या भारतीय होना कब से हिंदी जानने के बराबर हो गया। बाद में इस मामले में सीआईएसएफ ने जांच के आदेश भी दिये थे।

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