आपदा प्रभावित सरकारी विद्यालयों की होगी मरम्मत, केंद्र ने जारी की पहली किस्त
शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित सरकारी स्कूलों में जल्द ही सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां बहाल होने की उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार से पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेस्मेंट, पीडीएनए के तहत 49 करोड़ रुपए की पहली किस्त मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस राशि से प्रदेश के 1678 स्कूल भवनों को दुरुस्त किया जाएगा, जिससे हजारों विद्यार्थियों को अस्थायी कक्षाओं और वैकल्पिक व्यवस्थाओं से राहत मिलेगी। शिक्षा विभाग ने मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण हिमुडा को सौंपी है।
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सबसे अधिक प्रभावित स्कूलों को प्राथमिकता देते हुए कार्य जल्द शुरू किए जाएं। अधिकारियों का मानना है कि भवनों की बहाली केवल आधारभूत ढांचे की मरम्मत नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की बाधित पढ़ाई को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों का कहना है कि शेष बजट प्राप्त होते ही बाकी पुनर्निर्माण योजनाओं पर भी तेजी से काम शुरू किया जाएगा। निदेशक उच्चतर शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि मरम्मत कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाएगा।
वर्ष 2025 में प्रदेश के 559 शिक्षण संस्थान बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुए थे, जिनमें 31 करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान का आकलन किया गया था। वहीं वर्ष 2023 में 1209 स्कूल प्रभावित हुए थे, जिनकी मरम्मत के लिए 46 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया था। प्रदेश सरकार ने भविष्य में स्कूल भवन निर्माण को लेकर नई नीति अपनाई है। अब स्कूलों के भवन छात्र संख्या को ध्यान में रखकर बनाए जाएंगे। साथ ही निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।