Delhi दिल्ली: भारतीय यहूदी समुदाय के सदस्यों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर समुदाय के सदस्यों ने भारत के साथ अपने गहरे जुड़ाव और इज़राइल में अपने योगदान को साझा किया।
भारतीय यहूदी समुदाय को भारत और Israel के बीच एक जीवंत सेतु के रूप में देखा जाता है। उनकी जड़ें भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं में गहराई से समाई हुई हैं, जबकि इज़राइल के विकास में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारतीय यहूदियों की पहचान दोनों देशों के साझा मूल्यों—लोकतंत्र, परंपरा और आधुनिकता—को जोड़ती है। समुदाय के सदस्यों ने शिक्षा, व्यापार, रक्षा, तकनीक और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
भारत और Israel के बीच वर्षों से मजबूत कूटनीतिक संबंध रहे हैं, जो समय के साथ और प्रगाढ़ हुए हैं। इस तरह के संवाद कार्यक्रम न केवल आपसी समझ को बढ़ाते हैं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों को भी मजबूत बनाते हैं।
प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों का जुड़ाव (पीपल-टू-पीपल कनेक्ट) भविष्य में सहयोग की नई संभावनाएं खोल सकता है। भारतीय यहूदी समुदाय की विरासत और उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि साझा इतिहास और आपसी सम्मान से अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नई दिशा दी जा सकती है।