Ranchi रांची। झारखंड की राजधानी रांची में छात्र आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सरकार पर भी निशाना साधा। महतो ने कहा कि सरकार चाहे कितनी बार लाठीचार्ज करे या आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन लाठी, गोली या बल प्रयोग से सरकार नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को संतुष्ट रखकर और उनकी समस्याओं को सुनकर चलती है। छात्र नेता ने प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
देवेंद्र नाथ महतो ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा, “मुझे भी परेशान किया गया और जबरन एंबुलेंस में ले जाया गया। हम जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं, वह यही है।” इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। रांची में छात्र और अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के बाद कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
छात्र नेताओं का कहना है कि वे रोजगार, भर्ती और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने के बजाय सरकार को उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करनी चाहिए। देवेंद्र नाथ महतो के अस्पताल पहुंचने के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। वहीं प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। छात्र नेताओं का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं की जाती। अब इस घटनाक्रम के बाद सरकार और प्रशासन की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर है।