Gujrat गुजरात। दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने गुजरात दौरे के दौरान यमुना नदी के कायाकल्प और रिवरफ्रंट निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सामने सबसे बड़ी चुनौती यमुना नदी को साफ करना और उसके किनारे बेहतर रिवरफ्रंट विकसित करना है। इसके लिए गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट मॉडल से कई महत्वपूर्ण योजनाएं सीखने की बात उन्होंने कही। प्रवेश वर्मा ने कहा कि उन्होंने गुजरात में साबरमती रिवरफ्रंट और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया। इन परियोजनाओं को देखने के बाद उन्हें कई नई योजनाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में यमुना नदी को लेकर लंबे समय से काम किया जा रहा है और अब इसे बेहतर तरीके से विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि साबरमती रिवरफ्रंट एक उदाहरण है कि किस तरह नदी के किनारे के क्षेत्र को विकसित कर शहर की पहचान बदली जा सकती है। इसी मॉडल से प्रेरणा लेकर दिल्ली में यमुना रिवरफ्रंट को विकसित करने की योजना पर काम किया जाएगा।
गुजरात के अधिकारियों से ली जाएगी जानकारी
दिल्ली के मंत्री ने कहा कि साबरमती रिवरफ्रंट परियोजना से जुड़ी तकनीकी और व्यवस्थागत जानकारी हासिल करने के लिए गुजरात के अधिकारियों को दिल्ली बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां के अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया को समझा जाएगा, ताकि दिल्ली में भी एक बेहतर और आधुनिक रिवरफ्रंट तैयार किया जा सके।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि यमुना की सफाई सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। नदी को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ इसके आसपास के क्षेत्रों को भी विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने भरोसा जताया कि योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर यमुना को नया रूप दिया जा सकता है।
साबरमती मॉडल की चर्चा
गुजरात का साबरमती रिवरफ्रंट देश की प्रमुख नदी विकास परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना के तहत नदी के किनारों को विकसित किया गया है, जहां लोगों के लिए सार्वजनिक स्थान, हरित क्षेत्र और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में भी इसी तरह लोगों को बेहतर सुविधाएं देने वाला रिवरफ्रंट बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नदी की सफाई, पर्यावरण संरक्षण और शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की जाएगी।
यमुना सफाई पर जोर
दिल्ली की यमुना नदी लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। सरकारों की ओर से समय-समय पर नदी की सफाई के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। अब यमुना रिवरफ्रंट परियोजना को लेकर भी नए प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल नदी के किनारे का विकास करना नहीं है, बल्कि यमुना को साफ और लोगों के लिए उपयोगी बनाना भी है। इसके लिए विशेषज्ञों और अन्य राज्यों के सफल मॉडल से सीख ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक ऐसा रिवरफ्रंट बनाने का प्रयास किया जाएगा, जो शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी बेहतर साबित हो।
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