Nirmand. निरमंड। आगामी दस जुलाई से 23 जुलाई तक चलने वाली श्रीखंड महादेव यात्रा पर शुरू होने से पहले ही संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यात्रा से 15 दिन पहले ही उपायुक्त कुल्लू ने इसमें पेंच फंसा दिया है और आनन-फानन में इस बार इस यात्रा को न करवाने का फरमान जारी कर दिया है। उपायुक्त के फरमान से लाखों शिव भक्तों की आस्था को गहरा धक्का लगा है। टेंट कारोबारियों की लाखों रुपए की खाद्य सामग्री और लंगर कमेटियों की व्यवस्थाओं संकट के बादल छा गए हैं। बुधवार को एसडीएम कार्यालय निरमंड में श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के नॉन ऑफिशियली सदस्यों की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की और बैठक में प्रदेश मिल्क फेल्डरेशन के चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर एवं उपाध्यक्ष श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट एवं एसडीएम निरमंड जगदीप सिंह राठौर मौजूद रहे।
यात्रा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू ने कहा है इस बार की यात्रा होना संभव नहीं है, क्योंकि ट्रस्ट की पहली बैठक से पहले प्रशासन ने रास्ते की रैकी करने के लिए एक टीम भेजी थी, जिसमें वन, राजस्व, जल शक्ति विभाग व अटल पर्वतारोहण संस्थान मनाली के सदस्यों का दल भी शामिल था। अटल बिहारी बाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली की टीम ने उपायुक्त को सौंपी में 31 जुलाई, 2024 को भीम डवारी में जहां बादल फटा था के स्थान पर यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त होने के चलते यात्रा जोखिमपूर्ण होने की रिपोर्ट दी है। ऐसी परिस्थितियों में यात्रा न करवाने की सिफारिश की है। सैकड़ों टेंट कारोबारियों ने टेंट लगाने का कार्य पूरा कर दिया है और एक टेंट कारोबारी ने पांच लाख से ज्यादा की खाद्य सामग्री अपने गंतव्य तक पहुंचा दी है। उन्होंने डीसी कुल्लू के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि खराब रास्ते का अस्थायी समाधान करने और यात्रा को प्रारंभ करने को लेकर पुन: विचार करने की मांग उठाई है।