ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों ने बैठक में सर्वसम्मति से अपनाया 'घोषणापत्र' पांच मुख्य प्राथमिकताएं तय
Odisha ओडिशा: राजधानी भुवनेश्वर में पांच अगस्त से 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक का आयोजन हो रहा है। शुक्रवार को बैठक के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से 'ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों का घोषणापत्र' अपनाया। यह शिक्षा के क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मीडिया से बात करते हुए जोशी ने बताया कि बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इथियोपिया के शिक्षा मंत्री, प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस शिखर सम्मेलन की शुरुआत पांच अगस्त को भुवनेश्वर में तीसरी ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के साथ हुई थी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत की तीसरी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित इस वर्ष के सम्मेलन का विषय था, 'सहयोग और सतत विकास के लिए लचीलापन और नवाचार का निर्माण।' इसमें युवाओं की भागीदारी और लोगों के बीच आपसी संपर्क को विशेष महत्व दिया गया। जोशी ने कहा, "प्रतिनिधियों ने अपने विचार और सुझाव साझा किए, प्रस्तावित लक्ष्यों पर सहमति मजबूत की और समावेशी, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली बनाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। इसके लिए बुनियादी ढांचे, संस्थागत सहयोग, क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया।
उन्होंने बताया कि घोषणा-पत्र में पांच प्रमुख प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा को मजबूत करना; कौशल विकास, योग्यता की आपसी मान्यता और ब्रिक्स टीवीईटी सहयोग गठबंधन के तहत बेहतर सहयोग; सहयोगात्मक अनुसंधान, नवाचार और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देना; योग्यता की आपसी मान्यता और शैक्षणिक नेतृत्व के लिए क्षमता निर्माण। जोशी ने कहा कि बैठक ने समावेशी, मजबूत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था बनाने के लिए संस्थागत सहयोग, क्षमता निर्माण और ज्ञान साझा करने के नए अवसर भी प्रदान किए।
उन्होंने बताया कि उन्होंने ईरान, इंडोनेशिया और दक्षिण अफ्रीका के शिक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मॉडल ब्रिक्स पहल के बारे में जोशी ने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को ब्रिक्स की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और उन्हें कूटनीति तथा बहुपक्षीय सहयोग की बेहतर समझ देना है। उन्होंने बताया कि घोषणापत्र का विस्तृत विवरण शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर साझा किया जाएगा। जोशी ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़े प्रस्तावों और पहलों पर प्रारंभिक काम शुरू हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि ओडिशा समेत भारत के विभिन्न राज्यों को इन पहलों का लाभ मिलेगा।