शिलाई में ओलावृष्टि और अंधड़ से तबाह हुई फसल

Update: 2026-05-31 10:30 GMT
शिलाई। शुक्रवार दोपहर बाद शिलाई क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज अंधड़, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों और बागबानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कुछ ही देर चली इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र की नकदी फसलों सहित फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि इन दिनों टमाटर, शिमला मिर्च, बीन सहित अन्य सब्जियों की फसल तैयार होने की स्थिति में थी। किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन तेज हवाओं और ओलों ने खेतों में लगी फसलों को बुरी तरह झाड़ दिया। कई खेतों में पौधे टूट गए और फसल जमीन पर बिछ गई। किसान गुमान सिंह, मोहन सिंह, विनोद कुमार, देवी राम, इंद्र सिंह और प्रकाश सहित अन्य किसानों ने बताया कि इस बार उन्होंने बड़ी मेहनत और खर्च के साथ खेती की थी। खाद, दवाइयों और सिंचाई पर हजारों रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन ओलावृष्टि ने कुछ ही मिनटों में उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि अब उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
केवल सब्जी फसल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के बागवानों को भी इस आपदा से भारी क्षति हुई है। ओलाबारी इतनी तेज हुई कि पल भर में ओले के ढेर लग गए। तेज हवाओं और ओलों के कारण प्लम, नाशपाती, खुमानी, आड़ू और आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। कई पेड़ों से फल टूटकर गिर गए, जबकि ओलों की मार से फलों पर दाग पड़ गए हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार शिलाई क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी सूखा तो कभी अचानक तेज बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनती जा रही है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। क्षेत्र के किसानों और बागवानों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे करवाकर नुकसान का आकलन किया जाए तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
Tags:    

Similar News