Shimla. शिमला। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की दो दिवसीय राज्य समिति बैठक मंगलवार को शिमला में संपन्न हुई। बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए किसानों, मजदूरों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता ओंकार शाद ने की, जबकि केंद्रीय सचिवालय सदस्य विक्रम सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। राज्य सचिव संजय चौहान ने राजनीतिक और संगठनात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर चर्चा करते हुए अमेरिका और इजरायल की नीतियों की आलोचना की गई तथा ईरान, फिलिस्तीन, क्यूबा और वेनेजुएला के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और मताधिकार पर हमला हो रहा है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए पार्टी ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से वित्तीय दबाव बढ़ा है। बैठक में विद्यालयों और महाविद्यालयों को बंद करने, बिजली क्षेत्र में निजीकरण, स्मार्ट मीटर, बढ़े हुए बिजली शुल्क तथा विभिन्न उपकरों का विरोध किया गया। पार्टी ने ओलावृष्टि और वर्षा से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने, एमआईएस का बकाया भुगतान जारी करने तथा पेट्रोल-डीजल संबंधी पाबंदियों में राहत देने की मांग की। चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी न होने पर प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन चलाए जाएंगे।