15 दिन से जारी छात्र आंदोलन हुआ उग्र ABVP ने रांची में किया शक्ति प्रदर्शन
रांची : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के 15वें दिन शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से रांची में बड़ा छात्र आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पारदर्शी एवं निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग उठाई।
आक्रोश मार्च डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर से शुरू हुआ। यहां से प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास की ओर बढ़ने लगे। छात्रों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ी हुई हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की कथित गड़बड़ी या अनियमितता से अभ्यर्थियों के बीच असंतोष पैदा होना स्वाभाविक है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से आगे नहीं बढ़ने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करने लगे। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी।
बैरिकेडिंग टूटने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे कई एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और कार्यकर्ताओं ने जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
छात्र संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन अचानक शुरू नहीं हुआ है, बल्कि लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों में असंतोष है। उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद अब तक उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है। छात्रों का कहना है कि सरकार को युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले पर स्पष्ट और ठोस कदम उठाना चाहिए।
एबीवीपी ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। संगठन की ओर से कहा गया है कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का विस्तार किया जाएगा। एबीवीपी ने 11 अगस्त को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है। इससे आने वाले दिनों में झारखंड में छात्र आंदोलन और तेज होने की संभावना है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले हजारों युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य का सवाल इस पूरे मुद्दे से जुड़ा है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। छात्रों ने सरकार से मांग की है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इधर, प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उठाया जाना चाहिए।
फिलहाल जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं से जुड़ा यह विवाद झारखंड में छात्रों के बीच लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। आंदोलन के 15वें दिन रांची में हुए आक्रोश मार्च और पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद मामला और गरमा गया है। अब सभी की नजर 11 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव पर है। यदि छात्रों की मांगों पर इससे पहले कोई ठोस पहल नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।