धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश वक्फ ट्रिब्यूनल कोर्ट कांगड़ा के न्यायाधीश जसवंत सिंह ठाकुर ने वर्ष 2022 के एनडीपीएस अधिनियम के एक मामले में आरोपी अजय कुमार को दोषी करार देते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया है।
अभियोजन पक्ष से जिला न्यायवादी संजीव राणा ने बताया कि पुलिस थाना इंदौरा में 16 सितंबर 2022 को एफआईआर संख्या 168/2022, एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया था।मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन में 26 गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी अजय कुमार को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। इसमें नायब कोर्ट हैरी सिंह ने भी गवाहों को पेश करने में अहम भूमिका निभाई है। अदालत के आदेश के अनुसार, दोषी को आठ वर्ष का कठोर कारावास, एक लाख रुपये का जुर्माना तथा जुर्माना न भरने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।