Chamba. चंबा। जिला परिषद चंबा की अठारह सीटों के घोषित नतीजों में कांग्रेस ने बाजी मारते हुए नौ सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि भाजपा को पांच सीटों से संतोष करना पड़ा है। चार सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। इसके साथ ही भाजपा का जिला परिषद के चुनावों में पार्टी समर्थित उम्मीदवार उतारने का दांव भी उल्टा पड़ गया है। भाजपा की ओर से घोषित पार्टी समर्थित कई प्रत्याशियों को चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है। जानकारी के अनुसार चंबा जिला की अठारह जिला परिषद की अठारह में सोलह सीटों पर भाजपा की ओर से पार्टी समर्थित प्रत्याशी घोषित किए गए थे। भाजपा के इस फैसले के चलते कई कार्यकर्ताओं ने बागी तेवर दिखाते हुए चुनावी रण में ताल ठोंक कर अधिकृत प्रत्याशियों के लिए दिक्कतें खड़ी कर दी। बागियों के चुनावी मैदान से न हटने से भाजपा के लिए चुनावों में डैमेज कंट्रोल चुनौती बन गया था।
इसके चलते भाजपा संगठन की ओर से बागियों पर कार्रवाई करते हुए सात लोगों को पद मुक्त भी कर दिया गया था। मगर बागियों ने चुनावी गणित पर पूरी तरह बिगाड़ते हुए जिला परिषद की सत्ता पर भाजपा के दोबारा काबिज होने के सपने को चकनाचूर कर दिया है। रविवार शाम को घोषित चुनावी नतीजों में बागियों ने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों का खेल पूरी तरह बिगाड़ दिया। इसके विपरीत चंबा जिला में कांग्रेस ने जिला परिषद के चुनावों में अधिकृत प्रत्याशियों को मैदान में उतारने से गुरेज किया। कांग्रेस ने एकजुटता से चुनाव लड़ते हुए भाजपा के दोबारा जिला परिषद की सत्ता पाने के दरवाजे को पूरी तरह बंद कर दिया है। कांग्रेस ने जिला परिषद के कई वार्डों में बहुकोणीय मुकाबले में भाजपा को करारी हार दी है। फिलहाल जिला परिषद के घोषित नतीजों में कांग्रेस ने भाजपा को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया है। हालांकि निर्दलीय प्रत्याशियों में तीन लोग भाजपा विचाराधारा के जीते हैं। इन प्रत्याशियों के रूख स्पष्ट करने के बाद ही स्थिति का पता चल पाएगा।