BBN. बीबीएन। केंद्र सरकार द्वारा औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत (बल्क) उपभोक्ताओं के लिए रिटेल पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीजल खरीद पर रोक लगाए जाने के बाद एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में शुमार बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। नई व्यवस्था के तहत उद्योगों को अपनी जरूरत का ईंधन केवल अधिकृत थोक आपूर्तिकर्ताओं से ही प्राप्त करना होगा, लेकिन क्षेत्र में इसके लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था अभी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है। ऐसे में बिजली कटौती के दौरान जनरेटरों और उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए डीजल पर निर्भर सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों के सामने परिचालन प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है। उद्योग जगत की बढ़ती चिंताओं के बीच बीबीएन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने जिला प्रशासन के समक्ष मामला उठाया है।
जिसके बाद प्रशासन ने क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों से उनकी दैनिक पेट्रोल-डीजल आवश्यकता का विस्तृत ब्यौरा तलब कर लिया है, ताकि वास्तविक मांग का आकलन कर निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। दरअसल, सरकार ने बल्क उपभोक्ताओं के लिए रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर रोक लगाते हुए उन्हें केवल अधिकृत थोक बिक्री केंद्रों और निर्धारित सप्लाई चैनलों से ही पेट्रोल-डीजल लेने के निर्देश दिए हैं। बीबीएन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीबीएनआईए) ने उपायुक्त सोलन को भेजे पत्र में कहा है कि क्षेत्र की अनेक औद्योगिक इकाइयां बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में डीजल जनरेटरों के सहारे उत्पादन जारी रखती हैं। इसके अलावा कई उद्योगों की उत्पादन प्रक्रिया में भी नियमित रूप से ईंधन की आवश्यकता पड़ती है। यदि समय पर डीजल उपलब्ध नहीं हुआ तो उत्पादन गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं, जिससे निर्यात, समयबद्ध आपूर्ति और रोजगार पर भी असर पडऩे की आशंका है। एसोसिएशन के अध्यक्ष वाईएस गुलेरिया ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर उद्योगों के लिए निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।