Shimla. शिमला। शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मादक पदार्थों के सप्लाई नेटवर्क से जुड़े एक प्रमुख आरोपी को पंजाब के खरड़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में भारी मात्रा में हेरोइन (चिट्टा), आईस (मेथामफेटामाइन) और नकदी बरामद की है। पुलिस थाना ढली में 29 मई 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ढली चौक के पास एक मकान में नशीले पदार्थ रखे गए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान 19 वर्षीय अवंतिका नेगी निवासी ढली और 20 वर्षीय प्रद्युम्न निवासी ठियोग के कब्जे से करीब 65 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) तथा 20 ग्राम आईस (मेथामफेटामाइन) बरामद की गई। बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया। जांच के दौरान पुलिस ने पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण और बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर पता लगाया कि दोनों आरोपी यह खेप पंजाब के खरड़ से समर नामक व्यक्ति से लेकर आए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य सप्लायर समर सिंह उर्फ टाइगर को खरड़ से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी समर सिंह उर्फ टाइगर, जिला फिरोजपुर का रहने वाला है। वर्तमान में खरड़ के शिवालिक अपार्टमेंट में रह रहा था।
पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 131 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 27 ग्राम आईस (मेथामफेटामाइन) तथा 60,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 196 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 47 ग्राम आईस (मेथामफेटामाइन) और 60,400 रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। आरोपी समर सिंह को भी अदालत में पेश कर 2 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उधर, एसएसपी शिमला गौरव सिंह का कहना है कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में नशा तस्करी के मामलों में बैकवर्ड लिंकेज जांच के आधार पर अब तक 43 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शिमला पुलिस का कहना है कि वह केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके स्रोत और पूरे सप्लाई नेटवर्क को चिन्हित कर उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के लिए लगातार काम कर रही है।