कुल्लू में सस्ता राशन घर-द्वार पर

Update: 2025-03-29 12:20 GMT
Kullu. कुल्लू। उपायुक्त तोरुल रवीश ने शुक्रवार को जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जानकारी दी कि कुल्लू जिला में 114202 राशनकार्ड हैं जो 416370 की आबादी को कवर करते हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत बीती छमाही के दौरान 455 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को कुल 30.41 करोड़ मूल्य की आवश्यक वस्तुएं व खाद्यान्न सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाए गए हैं। जिला में विकास खंड वार इनकी 31 शाखाएं भी उपभोक्ताओं को सस्ता राशन उनके घर-द्वार के समीप वितरित कर रही हैं। उपायुक्त ने कहा कि जिला में आधार सीडिंग का कार्य शत. प्रतिशत पूरा कर लिया है। जिला में उपभोक्ताओं के राशन कार्ड डेटाबेस में किए गए मोबाइल सीडिंग कार्य जिले में 99.53 प्रतिशत पूरा कर लिया है तथा इस पर तेजी के साथ काम चला है और अगले कुछ महीनों में यह सौ फीसदी कर लिया जाएगा। सभी 455 उचित मूल्य की दुकानों पर बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से पीओएस मशीनों द्वारा खाद्यान्नों की बिक्री करवाई जा रही है। जिला के दूरवर्ती क्षेत्रों में उचित मूल्य की दुकान जरूरत अनुसार खोली जा रही हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिला में बीती छमाही के दौरान 9937 मीट्रिक टन आटा और 6076 मीट्रिक टन चावल उपभोक्ताओं को सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाए
गए हैं।

उपायुक्त ने बताया कि विशेष अनुदान योजना के तहत 1345 मीट्रिक टन चीनीए 296 मीट्रिक टन उड़दए 371 मीट्रिक टन मलका दालए 741 मीट्रिक टन दाल चनाए 451 मीट्रिक टन आयोडीन युक्त नमक, 757513 लीटर सरसों तेल, 107070 लीटर रिफाइंड तेल उपभोक्ताओं में वितरित किया है। जिला में खाद्यान्न व आवश्यक वस्तुओं की दुकानों में गुणवत्ता को सुनिश्चित बनाने के लिए विभाग समय.समय पर निरीक्षण व खाद्यान्नों के नमूनों की जांच करवाता है। जिला में इस दौरान 560 निरीक्षण किये गए हैं। जिनमें 31 में अनियमितताएं पाई गई। 11 दुकानदारों को चेतावनी जारी की गई। 55 हजार रुपए की प्रतिभूति राशि जब्त की गई जबकि खाद्यान्नों की मूल्यांतर राशि 2 लाख 8 हजार पांच रुपये वसूली गई। नमूने प्रायरू गंदम आटा, चावल, चीनी, सरसों तेल व दालों के एकत्रित किए जाते हैं। उपायुक्त ने कहा कि खाने.पीने की वस्तुओं में किसी प्रकार की मिलावट अथवा दोष न हो इसके बारे में प्रत्येक उपभोक्ता को जानकारी होना जरूरी है। विभाग ने उपभोक्ता शिविरों का आयोजन जिला के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में किया है। शिविरों में विभाग की योजनाओं की जानकारी भी लोगों को प्रदान की जा रही है। उपभोक्ताओं को सुचारू तौर पर एलपीजी गैस उपलब्ध होए इसके लिए जिला में 13 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। जिनमें 2.39 लाख उपभोक्ता पंजीकृत हैं। लोगों की मांग पर घर-द्वार गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। बैठक का संचालन जिला उपभोक्ता एवं आपूर्ति नियंत्रक ने की बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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