दो विद्युत लाइनों के निर्माण पर बवाल, बिजली बोर्ड ने खारिज किए खुद पर लगे आरोप

Update: 2025-08-03 12:05 GMT
Shimla. शिमला। बिजली बोर्ड लिमिटेड की दो ट्रंासमिशन लाइनों के निर्माण में कथित रूप से अनियमितताएं बरतने को लेकर बिजली बोर्ड प्रबंधन सख्त हुआ है। इसमें एक सेवानिवृत्त अधिकारी के खिलाफ बोर्ड ने सतर्कता ब्यूरो में शिकायत की है और अभियोजन की मंजूरी भी प्रदान कर दी है। ऐसे में बिजली बोर्ड लिमिटेड ने कहा कि कर्मचारियों के कुछ वर्ग और सेवानिवृत्त कर्मचारी जिसके खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी गई है, वो बोर्ड के अधिकारियों को बदनाम करने के लिए एक अभियान चला रहे हैं। इसका बोर्ड प्रबंधन पूरी तरह से विरोध करता है क्योंकि वो जो तथ्य सामने ला रहे हैं, वो पूरी तरह से गलत हैं। बिजली बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि एक सेवानिवृत्त अभियंता और तत्कालीन सीएमडी वित्त शाखा की सलाह के विरुद्ध 400 केवी कुनिहार लाइन का निर्माण कर दिया गया, जिस पर 126 करोड़ रुपए की लागत आई है जिसके लिए आज तक कोई नियामक स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस विद्युत संचार लाइन का निर्माण सब-स्टेशन के बिना ही कर
दिया गया।

यदि इस तरह का अनुचित व्यय नहीं किया गया होता, तो इस धनराशि का उपयोग कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के बकाए के भुगतान पर होने वाले खर्च के हिस्से को बढ़ाने के लिए किया जा सकता था। इसके अलावा, बोर्ड प्रबंधन ने 66 केवी नडुखर सब-स्टेशन के निर्माण का मुद्दा भी उठाया है, जिसका निर्माण कार्य तत्कालीन अध्यक्ष ने बिना किसी वन मंजूरी और व्यय स्वीकृति के ही कर दिया था। इस निविदा में 35 करोड़ रुपए के आपूर्ति आदेश जल्दबाजी में जारी किए गए थे। प्रदेश उच्च न्यायालय ने हिमाचल पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के कारपोरेट कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने की अधिसूचना पर स्थगन आदेश पारित करने से फिलहाल मना कर दिया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर व न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने मुकेश भारद्वाज द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान राज्य सरकार व हिमाचल पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को नोटिस जारी कर जबाव तलब किया है,
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