नई दिल्ली। नंदग्राम थानाक्षेत्र में कार सवार दो युवक मेरठ रोड से एक पेंटर का अपहरण कर फरार हो गए। बताया गया है कि युवकों ने पहले पेंटर संग मारपीट की और फिर उसे कार में डालकर फरार हो गए। इस दौरान स्थानीय व्यक्ति ने आरोपियों की वीडियो बना ली और पुलिस को कॉल कर पेंटर के अपहरण की सूचना दे दी। दिनदहाड़े अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हडक़ंप मच गया। जिसके बाद आनन.फानन में एसीपी नंदग्राम और एसएचओ पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच.पड़ताल की। जांच में मामला दो कोचिंग सेंटरों के बीच विज्ञापन विवाद का पाए जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस का कहना है कि अपहृत पेंटर को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस मामले में तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस की मानें तो इशान मिश्रा राजनगर सेक्टर.12 में बेरन.टेरन नाम से कोचिंग सेंटर चलाते हैं। इससे पूर्व वह पटेलनगर स्थित ऑक्सपोर्ड कोचिंग सेंटर में पढ़ाते थे। इस कोचिंग सेंटर को विश्वास नगर नंदग्राम निवासी दो भाई पीके शर्मा और एसके शर्मा चलाते हैं। दोनों भाइयों ने अपने कोचिंग सेंटर का आसपास के जिलों में भी विज्ञापन करा रखा है। पुलिस की मानें तो इशान मिश्रा ने अपने कोचिंग सेंटर का विज्ञापन कराने का काम बुलंदशहर निवासी पेंटर विपिन ठाकुर को सौंपा था। जिसके चलते विपिन ठाकुर मेरठ रोड पर मोरटा पुलिस चौकी के पास एक दीवार पर इशान मिश्रा के कोचिंग का विज्ञापन पेंट कर रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे भाइयों ने विपिन ठाकुर को अपने विज्ञापन को मिटाकर इशान के कोचिंग सेंटर का विज्ञापन करते देखा तो उन्होंने विपिन के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे कार में डालकर अगवा कर ले गए। आगे जाकर उन्होंने अपने कर्मचारी शिवकुमार को बुलाकर विपिन को सौंप दिया और कहा कि वह विपिन को साथ लेकर यह जानकारी कर ले कि उसने कहां.कहां उनके विज्ञापन को मिटाकर इशान के कोचिंग सेंटर का विज्ञापन किया है।
कार नंबर के आधार पर स्थानीय व्यक्ति ने दी पुलिस को सूचना
पुलिस की मानें तो घटना के दौरान स्थानीय व्यक्ति ने वीडियो बनाकर पेंटर के अपहरण की सूचना दी थी। सूचना देने वाले व्यक्ति ने आरोपियों की कार का नंबर भी पुलिस को बताया। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों का घर ट्रेस कर उनके पिता को हिरासत में ले लिया और जांच.पड़ताल की। आरोपियों के पिता ने पुलिस को बताया कि वह नंदग्राम थानाक्षेत्र स्थित रामनगर में डीएन एकेडमी नाम से 8वीं तक का स्कूल चलाते हैं। जबकि उनके बेटे पीके शर्मा और एसके शर्मा का पटेलनगर में कोचिंग सेंटर है। उनका इशान मिश्रा से विज्ञापन को लेकर विवाद चल रहा है। शिकायतें मिल रही थीं कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा दीवार पर लिखे गए उनके विज्ञापन को मिटाया जा रहा है। जब उनके बेटों ने विपिन ठाकुर को विज्ञापन मिटाते देखा तो उसे पकड़ लिया था। पिता ने बताया कि उनके बेटों ने विपिन ठाकुर का अपहरण नहीं किया बल्कि, वह उसे साथ लेकर अन्य जगह मिटाए गए विज्ञापनों की जानकारी करने अपने साथ ले गए थे।
विपिन से फोन पर बात होने के बाद ली पुलिस ने राहत की सांस
आरोपियों की खोजबीन में जुटी पुलिस ने जब पिता से उनकी बात कराई तो उन्होंने बताया कि वह बागपत में हैं और विपिन ठाकुर उनके कर्मचारी शिवकुमार के साथ है। आरोपी भाइयों से शिवकुमार का मोबाइल नंबर लेकर पुलिस ने विपिन से बात की तब जाकर पुलिस की जान में जान आई। शिवकुमार ने पुलिस को बताया कि वह विपिन को लेकर मेरठ की ओर चला गया था। जहां विपिन ने उसे कई ऐसी जगह दिखाईं जहां उसने ऑक्सपोर्ड कोचिंग के स्थान पर इशान की कोचिंग सेंटर का विज्ञापन पेंट कर दिया था।
वर्जन
एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि इशान मिश्रा की तहरीर पर पीके शर्मा, एसके शर्मा और एक अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर लिया गया है। पीके शर्मा, एसके शर्मा और शिवकुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के चंगुल से अपहृत विपिन ठाकुर को भी सकुशल बरामद किया गया है। दोनों पक्षों के बीच कोचिंग सेंटर के विज्ञापन को लेकर विवाद सामने आया है।