Delhi दिल्ली। रूस ने यूक्रेन पर शुक्रवार-शनिवार रात को बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हुए। ये हमले विशेष रूप से राजधानी कीव और पूर्वी निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र में हुए। कीव में दो लोगों की मौत और 13 लोग घायल हुए जबकि निप्रोपेट्रोव्स्क में दो लोगों की जान गई और सात लोग घायल हुए। कीव के मेयर विताली क्लित्सको ने बताया कि राजधानी पर बैलेस्टिक मिसाइलों का हमला हुआ। इन हमलों से एक भवन में भीषण आग लगी, लेकिन किसी के न होने के कारण कोई अतिरिक्त जनहानि नहीं हुई। निप्रोपेट्रोव्स्क में मिसाइलों और ड्रोन हमलों ने कई भवनों और रिहायशी मकानों को नुकसान पहुँचाया।
यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि रूस ने कुल नौ मिसाइलों और 62 ड्रोन के माध्यम से हमला किया। हालांकि, इनमें से ज्यादातर को आकाश में ही नष्ट कर दिया गया। इसके जवाब में यूक्रेन ने भी रूस पर ड्रोन से हमले किए। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि इन हमलों में से 121 ड्रोन को आकाश में ही मार गिराया गया। इस हमले के मद्देनजर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सहयोगी पश्चिमी देशों से एक बार फिर अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टमों की मांग की। जेलेंस्की इस समय ब्रिटेन में हैं, जहां वह मददगार देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे और यूक्रेन के लिए एयर डिफेंस उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध करेंगे। जेलेंस्की ने कहा कि यह प्रणाली नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण होगी।
इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव अमेरिका पहुंचे। उनका कहना है कि बुडापेस्ट में पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित वार्ता फिलहाल रद्द नहीं हुई है और आने वाले समय में संभव है। दिमित्रिएव ने कहा कि कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से यूक्रेन संकट के समाधान के करीब पहुंचा जा रहा है और इसका असर भविष्य में दिखाई देगा। इसके तहत वह राष्ट्रपति ट्रंप के दूत स्टीव विटकाफ से भी मिलने वाले हैं। यूक्रेन पर रूस के इस हवाई हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिमी देशों द्वारा एयर डिफेंस प्रणाली उपलब्ध कराने की मांग बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमले युद्ध की तकनीक और रणनीति में बदलाव को दर्शाते हैं और इससे नागरिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा है।
इस हमले के कारण कीव और निप्रोपेट्रोव्स्क में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता बढ़ गई है। नागरिकों को अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। दोनों देशों की सरकारें इस समय उच्च सतर्कता बरत रही हैं और भविष्य में हमलों की आशंका को ध्यान में रखते हुए बचाव के उपाय कर रही हैं। इस प्रकार, रूस के हमलों में यूक्रेन में जान-माल का नुकसान हुआ और राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से सहयोग की मांग की। साथ ही, रूस के कूटनीतिक प्रयास और अमेरिका में पुतिन के दूत की गतिविधियां इस संकट के संभावित समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।