BREAKING: 8.77 करोड़ रुपए मूल्य की एम्बरग्रीस के साथ नौ आरोपी गिरफ्तार
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Surat. सूरत। गुजरात के सूरत शहर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 8.77 करोड़ रुपए मूल्य की एम्बरग्रीस के साथ नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। एम्बरग्रीस, जिसे व्हेल की उल्टी भी कहा जाता है, अत्यंत कीमती माना जाता है और इसका उपयोग इत्र बनाने और अन्य औषधीय उत्पादों में किया जाता है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दी गई। सूरत पुलिस ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि सूचना मिलने के बाद शहर के उमरा इलाके में दो वाहनों को रोककर जांच की गई। दोनों वाहनों में एम्बरग्रीस रखा गया था। पुलिस ने इस दौरान आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गिरफ्तार किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामदगी के समय सभी नौ आरोपी राज्य के विभिन्न हिस्सों से सूरत पहुंचे हुए थे। यह गिरोह एम्बरग्रीस के अंतरराष्ट्रीय बाजार में अवैध व्यापार में संलिप्त था। पुलिस ने बताया कि एम्बरग्रीस का उच्च मूल्य और दुर्लभता इसे 'तैरता हुआ सोना' के रूप में भी प्रतिष्ठित करती है। एम्बरग्रीस स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र द्वारा उत्पन्न एक मोमी पदार्थ है। यह स्पर्म व्हेल या कैचलॉट दांतेदार व्हेल की विशेष प्रजाति से आता है और प्राकृतिक रूप से व्हेल के मरने पर निकलता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बहुत अधिक है, जिससे यह अवैध व्यापारियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता है। भारत में स्पर्म व्हेल और एम्बरग्रीस वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित हैं, इसलिए इसका व्यापार करना पूर्णतः अवैध है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि एम्बरग्रीस का इस्तेमाल इत्र उद्योग में विशेष सुगंध बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, कुछ पारंपरिक दवाओं में भी इसका उपयोग किया जाता है। इसकी rarity और उच्च मूल्य के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे अत्यंत महंगे दामों में खरीदा और बेचा जाता है। सूरत पुलिस ने यह कार्रवाई पिछले हफ्ते हुई एक अन्य गिरफ्तारी के सिलसिले में की। उस समय तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें एक कपड़ा व्यापारी, एक पर्यटन एजेंट और एक मछली निर्यातक शामिल थे। इस दौरान पुलिस ने 5.04 करोड़ रुपए मूल्य की एम्बरग्रीस जब्त की थी। वर्तमान गिरफ्तारी में कीमत 8.77 करोड़ रुपए बताई जा रही है।