New Delhi. नई दिल्ली। भारत में 2026 में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले केंद्र सरकार ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी के कार्यकाल को बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने उनके सेवा विस्तार को एक वर्ष के लिए मंजूरी दी है, जिसके बाद वे अब जुलाई 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे। मूल रूप से उनका कार्यकाल 14 जुलाई 2026 को समाप्त होने वाला था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 14 जुलाई 2027 कर दिया गया है। इस संबंध में कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet) ने आदेश जारी कर दिया है।
1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी विक्रम मिसरी वर्तमान में देश के विदेश सचिव के रूप में कार्यरत हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उनके कार्यकाल विस्तार का निर्णय FR 56(D) नियम के प्रावधानों के तहत लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक कार्यक्रमों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इनमें 2026 में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सबसे प्रमुख है, जिसकी मेजबानी भारत करेगा।
विदेश सचिव के रूप में विक्रम मिसरी भारत की विदेश नीति, द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रणनीतिक समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके कार्यकाल विस्तार को सरकार की निरंतरता और कूटनीतिक स्थिरता बनाए रखने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे बड़े वैश्विक आयोजन से पहले विदेश सचिव के पद पर निरंतरता बनाए रखना भारत की विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण है। इससे अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और तैयारी प्रक्रियाओं में स्थिरता बनी रहेगी।
गौरतलब है कि भारत 2026 में ब्रिक्स देशों के प्रमुख नेताओं की बैठक की मेजबानी करेगा, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल होंगे। ऐसे में विदेश मंत्रालय की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। विक्रम मिसरी अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव और कूटनीतिक दक्षता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पदों पर भी काम किया है और भारत की विदेश नीति से जुड़े कई अहम निर्णयों में भूमिका निभाई है। सरकार के इस निर्णय को कूटनीतिक स्थिरता और आगामी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय अब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों को और तेज करने में जुट गया है।