New Delhi. नई दिल्ली। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बाद ध्वनिमत से पारित हो गया। प्रस्ताव पारित होने के बाद राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार, 6 फरवरी को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। विपक्षी दलों की गैरमौजूदगी में यह प्रस्ताव बिना किसी विभाजन के पारित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार दिशा तय करके काम करती है, न कि तात्कालिक राजनीतिक लाभ के लिए।
पीएम मोदी ने कहा, “हम क्वालिटी को उत्तम से उत्तम बनाएंगे, चाहे मुनाफा कम ही क्यों न हो। अगर देशवासी क्वालिटी के लिए मेरा साथ दें, तो दुनिया में ‘मेड इन इंडिया’ की धूम होगी।” उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष यह जानता है कि जब वह किसी काम की शुरुआत करते हैं, तो उसे अधूरा नहीं छोड़ते। प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि चार करोड़ गरीबों को पक्के मकान, बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा देना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि देश का मिजाज बदला है, आत्मविश्वास बढ़ा है और जनता सरकार की नीतियों को समझकर उनका लाभ उठा रही है। पीएम मोदी ने दावा किया कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जो देश की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष को इस बात की तकलीफ है कि “मोदी यहां तक पहुंचा कैसे।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पद को पारिवारिक जागीर मानती रही है। “वे सोचते थे कि कोई और प्रधानमंत्री बन ही नहीं सकता,” ऐसा कहते हुए उन्होंने विपक्ष के “मोदी की कब्र खोदने” जैसे नारों को नफरत का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक गरीबी हटाओ के नारे दिए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव नहीं किया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि कांग्रेस के किसी भी प्रधानमंत्री का ऐसा भाषण नहीं रहा, जिसमें गरीबी हटाने की बात न की गई हो, लेकिन परिणाम शून्य रहे। इसके विपरीत, उनकी सरकार ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गरीबों की जिंदगी में वास्तविक बदलाव लाया।
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाया, उत्तर-पूर्व में हिंसा को खत्म कर विकास की राह खोली और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का जवाब भारत अब घर में घुसकर देता है। माओवादी हिंसा से देश को मुक्त कराने के लिए भी साहसिक कदम उठाए गए हैं। लोकसभा में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा न हो पाना संविधान का अपमान है। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवार से आने वाली राष्ट्रपति का अपमान विपक्ष की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में चेयर पर कागज फेंकना, वह भी जब अध्यक्ष पद पर पूर्वोत्तर और दलित समाज से जुड़े सदस्य बैठे हों, न केवल असंसदीय बल्कि पूरे देश का अपमान है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर सिख समाज और असम के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि एक सांसद को “गद्दार” कहे जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि यह बयान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतिबिंब है, जो समाज के कुछ वर्गों के प्रति कांग्रेस के मन में मौजूद है। विकास कार्यों पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के कई पिछड़े जिलों को पहले उपेक्षित छोड़ दिया गया था, लेकिन उनकी सरकार ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के जरिए हालात बदले। उन्होंने बस्तर का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कभी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं, वहां आज विकास की धारा बह रही है। पहली बार बस पहुंचने पर पूरे गांव का उत्सव मनाना इस बदलाव का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने दशकों से अटके बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा किया है। सरदार सरोवर बांध, जम्मू-उधमपुर-बारामूला रेल लाइन, बोगी ब्रिज और सोलर एनर्जी के लक्ष्य जैसे उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की सोच और कार्यशैली में बड़ा फर्क है। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस केवल कल्पना करती थी, वहां उनकी सरकार परिणाम देती है। अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि 140 करोड़ देशवासी उनकी ताकत हैं, समस्या नहीं। “जहां कांग्रेस देश की जनता को समस्या मानती है, वहीं हम मानते हैं कि 140 करोड़ लोग ही समाधान हैं,” यह कहते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाला भविष्य उज्ज्वल है।