Patna. पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार की राजधानी पटना पहुंचे, जहां उन्होंने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। नए टर्मिनल भवन का निर्माण लगभग 1,216 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इस भवन को ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इसमें प्रतिवर्ष 85 लाख यात्रियों की सेवा देने की क्षमता है। टर्मिनल की डिजाइन बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसमें गंगा नदी की थीम पर आधारित आंतरिक सजावट की गई है और लोक कला के रंगों का समावेश है।
प्रधानमंत्री मोदी ने टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह भवन न सिर्फ पटना, बल्कि पूरे बिहार की प्रगति का प्रतीक है। इससे पर्यटन, रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पटना की सड़कों पर एक भव्य रोड शो किया। यह रोड शो करीब 2 किलोमीटर लंबे मार्ग पर आयोजित हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। लोग हाथों में तिरंगा और मोदी के समर्थन में तख्तियां लिए खड़े नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी थी। सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी। साथ ही ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया।
जनसमूह में दिखा उत्साह
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए भारी संख्या में लोग जमा हुए थे। भाजपा के कार्यकर्ताओं और आम जनता में उत्साह साफ नजर आ रहा था। पीएम मोदी ने लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए हाथ हिलाकर उनका धन्यवाद किया। कई जगहों पर उन पर फूलों की वर्षा भी की गई। हालांकि यह दौरा औपचारिक उद्घाटन के लिए था, लेकिन इसे आगामी लोकसभा चुनावों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में बिहार में केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि "बिहार की जनता ने हमेशा विकास का साथ दिया है और हम उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" बिहार की राजनीति में यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंच साझा करने को राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भाजपा के राज्य और केंद्र के नेताओं ने इस कार्यक्रम के बहाने पार्टी की शक्ति प्रदर्शन भी की।