हाईवे के खिलाफ आंदोलन तेज, एलिवेटेड रोड की मांग

Update: 2026-08-09 10:20 GMT

अलप्पुझा। नगर पालिका में हुई विरोध समिति की बैठक में रेलवे स्टेशन के रास्ते को प्रभावित करने वाले नेशनल हाईवे निर्माण के खिलाफ चल रहे आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया गया। बैठक में एक सप्ताह से जारी हड़ताल को मजबूती देने के साथ-साथ रेलवे स्टेशन के सामने एलिवेटेड रोड बनाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित हाईवे निर्माण से स्टेशन तक पहुंचने वाले मौजूदा रास्ते पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी होगी।

बैठक का उद्घाटन विधायक पी. प्रसाद ने किया, जबकि नगर पालिका अध्यक्ष एस. सोबिन ने अध्यक्षता की। बैठक में विरोध समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय प्रतिनिधियों और आंदोलन से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। सभी ने स्टेशन की पहुंच और स्थानीय यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निर्माण योजना में जरूरी बदलाव की मांग की।

एक सप्ताह से जारी है हड़ताल

नेशनल हाईवे निर्माण के खिलाफ स्थानीय स्तर पर पिछले एक सप्ताह से हड़ताल चल रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि हाईवे निर्माण की मौजूदा योजना रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाले मार्ग को प्रभावित कर सकती है। इससे यात्रियों के साथ-साथ आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय निवासियों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

विरोध समिति ने बैठक में तय किया कि आंदोलन को अब और व्यापक बनाया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर सरकार और संबंधित अधिकारियों तक स्थानीय लोगों की मांग पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।

सोमवार को हाईवे के दोनों ओर जलाए जाएंगे दीये

आंदोलन को मजबूत करने के लिए सोमवार को नेशनल हाईवे के दोनों ओर दीये जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे।

आयोजकों का कहना है कि दीये जलाने का कार्यक्रम आंदोलन की एकजुटता और स्थानीय लोगों की मांग के प्रति समर्थन को प्रदर्शित करेगा। इसमें अधिक से अधिक लोगों को शामिल करने की तैयारी की जा रही है।

स्टेशन के सामने एलिवेटेड रोड की मांग

बैठक में रेलवे स्टेशन के सामने एलिवेटेड रोड बनाने की मांग पर विशेष जोर दिया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि एलिवेटेड रोड बनने से हाईवे और रेलवे स्टेशन के बीच संपर्क बेहतर बनाया जा सकता है तथा मौजूदा मार्ग पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है।

उनका मानना है कि स्टेशन के सामने उपयुक्त वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार किए बिना हाईवे निर्माण आगे बढ़ाने से भविष्य में यातायात संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए निर्माण योजना में स्थानीय जरूरतों को शामिल करना जरूरी है।

केंद्रीय परिवहन मंत्री से मिलने का फैसला

विरोध समिति ने इस मामले को केंद्र सरकार के स्तर पर उठाने का भी फैसला किया है। बैठक में तय किया गया कि सांसद के.सी. वेणुगोपाल और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर के सहयोग से केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री के सामने स्थानीय लोगों की समस्याएं और स्टेशन तक पहुंचने वाले मार्ग से जुड़ी चिंताएं रखेगा। साथ ही स्टेशन के सामने एलिवेटेड रोड बनाने की मांग भी रखी जाएगी।

आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार के स्तर पर मामले को उठाने से हाईवे निर्माण की योजना में स्थानीय लोगों की मांगों पर विचार किया जा सकेगा।

विधायक ने आंदोलन को लेकर बात रखी

बैठक का उद्घाटन करते हुए विधायक पी. प्रसाद ने आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में स्थानीय परिस्थितियों और हाईवे निर्माण के संभावित प्रभावों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

विरोध समिति का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य विकास कार्यों का विरोध करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हाईवे निर्माण के साथ स्थानीय लोगों और रेलवे यात्रियों की सुविधा भी सुरक्षित रहे।

नगर पालिका अध्यक्ष ने की अध्यक्षता

बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष एस. सोबिन ने की। उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए समिति की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में मौजूद सदस्यों ने आंदोलन को अधिक प्रभावी बनाने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के सुझाव दिए।

विरोध समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगों पर उचित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति अपनाई जाएगी।

स्थानीय यातायात को लेकर चिंता

आंदोलनकारियों की मुख्य चिंता रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाले मार्ग को लेकर है। स्टेशन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पहुंचते और वहां से विभिन्न स्थानों के लिए यात्रा करते हैं।

समिति का कहना है कि हाईवे निर्माण के कारण यदि स्टेशन तक पहुंचने का रास्ता बाधित या जटिल होता है तो इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा। इसके अलावा आसपास के इलाकों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है।

मांगों को लेकर राजनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश

आंदोलन समिति अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर राजनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। सांसद के.सी. वेणुगोपाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर के माध्यम से केंद्रीय परिवहन मंत्री से मुलाकात का निर्णय इसी रणनीति का हिस्सा है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि अलग-अलग राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग लेकर वे केंद्र सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना चाहते हैं। इससे मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने में मदद मिल सकती है।

आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी

बैठक में तय कार्यक्रमों के जरिए आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी है। सोमवार को दीये जलाने के कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही विरोध समिति आगे की रणनीति पर भी चर्चा करेगी।

फिलहाल एक सप्ताह से चल रही हड़ताल को और मजबूत करने के फैसले से साफ है कि स्थानीय लोगों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का मन बनाया है। अब देखना होगा कि केंद्र और राज्य स्तर पर इस मामले को लेकर क्या पहल होती है और क्या स्टेशन के सामने एलिवेटेड रोड की मांग पर कोई ठोस निर्णय लिया जाता है।

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