Meerut: मेरठ। मेरठ में रविवार रात गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर एक चलती कार में अचानक आग लग गई। कार में सवार 4 लोग जिंदा जल गए। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, कार काफी जल चुकी थी। बताया जा रहा है कि सभी गंगा स्नान करने हरिद्वार Haridwar जा रहे थे। बॉडी इस कदर जली है कि चारों को पहचानना मुश्किल हो रहा है। सेंट्रो कार का नंबर DL4C AP4792 है। गाड़ी दिल्ली के सोहनपाल पुत्र ओमप्रकाश निवासी गांव प्रहलादपुर बांगर के नाम पर है।

एसपी देहात कमलेश बहादुर सिंह ने बताया- घटना रात 9.30 बजे के आसपास की है। सेंट्रो कार में CNG लगी थी। सूचना मिलते ही जानी थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग बुझाने के बाद देखा गया, तो कार में चार लोगों के कंकाल पड़े थे। लाशों को देखकर ऐसा लग रहा है कि कार में 3 बड़े लोग और 1 बच्चा था। इनमें कितनी महिला और कितने पुरुष हैं, इसकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने कार की नंबर प्लेट के आधार पर कार मालिक के परिवार को सूचना दे दी है। कार में गैस सिलेंडर भी मिला है। फायर ब्रिगेड टीम का कहना है कि सिलेंडर में लीकेज या ब्लास्ट से कार में आग लगी होगी।


कार पूरी तरह आग का गोला बन चुकी थी। आग इतनी ज्यादा थी कि एक छोटी-सी कार की आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियां लगाई गईं। आग बुझने के बाद भी कार की बॉडी को ठंडा करने में फायर फाइटर्स को काफी मशक्कत करनी पड़ी। चारों लोगों को कार से बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला और अंदर ही जल गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आज रात में जब ये कार इस रास्ते से जा रही थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई। किसी गाड़ी चालक ने रास्ते से गुजरते हुए उसे देख लिया। कार से आग की ऊंची लपटें उठ रही थी। उसने फौरन फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड ने स्थानीय जानी थाना पुलिस को सूचित किया। मौके पर तुरंत परतापुर फायर सर्विस स्टेशन से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची। करीब 40 मिनट बाद आग पर काबू पाया जा सका। गंगनहर पटरी का यह रास्ता दिल्ली से सीधे हरिद्वार जाता है। कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली और एनसीआर के लाखों कांवड़िए इस रास्ते से गुजरते हैं। इसलिए इसे कांवड़ पटरी मार्ग भी कहा जाता है। रास्ते के एक तरफ नहर और दूसरी तरफ घना जंगल और गन्ने के खेत हैं।
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