फतेहगढ़ साहिब से भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा का दूसरा चरण शुरू, रेखा गुप्ता ने दिखाई हरी झंडी
फतेहगढ़ साहिब। भारतीय जनता पार्टी की ओर से पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर निकाली जा रही ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का दूसरा चरण शनिवार को फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुआ। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले उन्होंने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब में मत्था टेका और पंजाब की सुख-समृद्धि तथा लोगों के कल्याण के लिए अरदास की।
इस दौरान पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों सहित पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे। भाजपा ने इस यात्रा को नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के रूप में पेश किया है। पार्टी की योजना अलग-अलग मार्गों से यात्रा निकालकर पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने की है।
गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब में टेका मत्था
यात्रा में शामिल होने से पहले रेखा गुप्ता गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब पहुंचीं। उन्होंने यहां शीश नवाया और माता गुजरी जी तथा छोटे साहिबजादों की शहादत को नमन किया। उन्होंने पंजाब के लोगों की खुशहाली और कल्याण के लिए अरदास की।
मीडिया से बातचीत में रेखा गुप्ता ने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए इस अभियान में शामिल हुई हैं।
नशे से प्रभावित परिवारों से भी की मुलाकात
यात्रा शुरू होने से पहले रेखा गुप्ता ने नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने परिवारों की बातें सुनीं और नशे की समस्या से होने वाले सामाजिक और पारिवारिक प्रभावों पर चर्चा की। अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में नशामुक्ति के लिए काम करने वाले लोगों और संगठनों की भागीदारी भी रही।
भाजपा ने यात्रा से पहले चंडीगढ़ में ‘मावां मंगदियां जवाब’ कार्यक्रम भी आयोजित किया था, जिसमें नशे से प्रभावित परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए थे। रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से करीब 50 प्रभावित परिवार पहुंचे थे।
पंजाब सरकार पर भाजपा ने उठाए सवाल
फतेहगढ़ साहिब में यात्रा के दौरान भाजपा नेताओं ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में नशीले पदार्थों की उपलब्धता को प्रभावी तरीके से रोकने में सरकार सफल नहीं हुई है। ये भाजपा की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिनका सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी विरोध करती रही है।
रेखा गुप्ता ने भी अपने संबोधन में पंजाब की मौजूदा सरकार की आलोचना की और नशे के मुद्दे पर जवाबदेही की मांग की। उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ अभियान को गांवों और घरों तक पहुंचाने की अपील की।
चार मार्गों से निकाली जा रही यात्रा
भाजपा ने ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को चार अलग-अलग मार्गों से निकालने की योजना बनाई है। अभियान की शुरुआत 18 सितंबर को पठानकोट से हुई थी। फतेहगढ़ साहिब वाला मार्ग इस अभियान का दूसरा चरण है। अन्य मार्गों में फाजिल्का और तलवंडी साबो को शुरुआती बिंदुओं के रूप में शामिल किया गया है।
भाजपा के कार्यक्रम के मुताबिक, चारों यात्राएं मिलकर लगभग चार हजार किलोमीटर की दूरी तय करेंगी और राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान 30 सितंबर तक चलना प्रस्तावित है और जालंधर में इसके समापन का कार्यक्रम रखा गया है।
कई विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगा फतेहगढ़ साहिब रूट
फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुई यात्रा को पंजाब के कई विधानसभा क्षेत्रों से होकर आगे बढ़ाने की योजना है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह मार्ग समराला, पायल, खन्ना, अमलोह, फतेहगढ़ साहिब, बस्सी पठाना, डेरा बस्सी, एसएएस नगर, खरड़, चमकौर साहिब, रोपड़, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, चब्बेवाल और होशियारपुर सहित कई क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
इसके अलावा शाम चौरासी, दसूहा, मुकेरियां, उर्मुर, आदमपुर, बलाचौर, नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा को भी इस मार्ग में शामिल किया गया है। यात्रा के दौरान भाजपा कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क और नशे के मुद्दे पर कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
नशे का मुद्दा बना राजनीतिक बहस का केंद्र
पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय रही है। अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में नशा तस्करी रोकने, नशामुक्ति केंद्रों और कानून प्रवर्तन से जुड़े कदम उठाए गए हैं। मौजूदा समय में भाजपा इस मुद्दे को अपनी प्रदेशव्यापी यात्रा के माध्यम से प्रमुखता से उठा रही है।
यात्रा के दौरान भाजपा नेता जहां राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी भी अपने नशा विरोधी अभियान और सरकारी कार्रवाई का हवाला देती रही है। ऐसे में नशे का मुद्दा सामाजिक चिंता के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय भी बना हुआ है।
फतेहगढ़ साहिब में यात्रा को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज
फतेहगढ़ साहिब में यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। रेखा गुप्ता की मौजूदगी और पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी के कारण कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही।
रेखा गुप्ता ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवार, समाज और प्रशासन सभी की भूमिका है। उन्होंने युवाओं को नशे से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई।
भाजपा की यह यात्रा 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हो रही है, इसलिए इसके राजनीतिक पहलू पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि पार्टी इसे मुख्य रूप से नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान बता रही है। इंडियन एक्सप्रेस ने इसे सामाजिक मुद्दे के साथ भाजपा की चुनाव-पूर्व राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में भी विश्लेषित किया है।
फतेहगढ़ साहिब से रवाना हुआ दूसरा चरण अब तय मार्ग के अनुसार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगा। इस दौरान भाजपा नशे से प्रभावित परिवारों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के साथ संवाद के जरिए नशे के मुद्दे को उठाने की तैयारी में है।