BIG BREAKING: CBI ने दिल्ली में IRS अधिकारी के घर मारा छापा, भारी मात्रा में सोना-चांदी जब्त

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Update: 2025-06-02 15:25 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ चल रही जांच के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3.5 किलोग्राम सोना, 2 किलोग्राम चांदी, 1 करोड़ रुपये नकद और कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जिसमें भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 2007 बैच के एक वरिष्ठ अधिकारी समेत दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार अधिकारी वर्तमान में निदेशालय करदाता सेवा (Directorate of Taxpayer Services) में अतिरिक्त महानिदेशक (Additional Director General) के पद पर कार्यरत है और उनका कार्यस्थल CR बिल्डिंग, ITO, नई दिल्ली में है।
CBI की यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब एजेंसी ने इस घोटाले की तह तक जाने के लिए संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद मामले को विस्तार से खंगालने के उद्देश्य से की गई थी। सूत्रों के अनुसार, जब सीबीआई की टीमों ने आरोपी अधिकारी और अन्य संबंधित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया, तो वहां से भारी मात्रा में नकदी और कीमती धातुएं बरामद की गईं। छापे के दौरान 3.5 किलो सोना, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है, 2 किलो चांदी, और लगभग एक करोड़ रुपये की नगद राशि जब्त की गई।
इसके अलावा CBI ने छापे के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, और कुछ ऐसे कागजात भी बरामद किए हैं जो भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। बरामद सामानों को फिलहाल जांच एजेंसी ने सील कर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए संरक्षित कर लिया है। CBI अधिकारियों का मानना है कि यह मामला बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी, पद का दुरुपयोग और करदाता सेवाओं के नाम पर आर्थिक लाभ उठाने की एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकता है। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी अधिकारी ने अपने प्रभाव और पद का उपयोग कर करदाता सेवाओं में पारदर्शिता को प्रभावित करते हुए कई व्यवसायियों और संस्थाओं को अनुचित लाभ पहुंचाया, जिसके बदले में उन्होंने मोटी रकम और कीमती वस्तुएं हासिल कीं।
इस पूरे मामले में एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इस भ्रष्टाचार नेटवर्क का सहयोगी बताया जा रहा है। CBI के अनुसार, दोनों आरोपियों की आपसी मिलीभगत से यह घोटाला कई महीनों से चल रहा था और अधिकारी के प्रभाव का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की गई। CBI अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस भ्रष्टाचार में और भी अधिकारी या व्यापारी शामिल हैं। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों से इस नेटवर्क के विस्तार और अन्य संलिप्त लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। एजेंसी जल्द ही आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि उससे और अधिक जानकारी हासिल की जा सके।
इस कार्रवाई से सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीरता एक बार फिर सामने आई है। जहां एक ओर सरकार ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ की दिशा में सख्त कदम उठा रही है, वहीं कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर जनता और शासन की विश्वास को ठेस पहुंचा रहे हैं। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर रही है, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना से कर विभाग समेत अन्य केंद्रीय एजेंसियों में भी हड़कंप मच गया है और आगे आने वाले दिनों में और छापेमारी और गिरफ्तारी की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
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