दरभंगा। सकरी-हसनपुर रेल परियोजना को लेकर एक बार फिर पुराने रेल मार्ग से निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद शंकर कुमार झा ने परियोजना को हरनगर स्टेशन से पुराने रेल मार्ग के आधार पर पूरा करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस संबंध में शुक्रवार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
शंकर कुमार झा का कहना है कि पुराने रूट पर पहले से हुए कार्यों का उपयोग किया जा सकता है, जिससे परियोजना को कम समय और कम लागत में पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुराने मार्ग को नजरअंदाज कर नई योजना पर काम करने से अतिरिक्त खर्च और समय दोनों बढ़ सकते हैं।
पुराने रूट से निर्माण की मांग
सकरी-हसनपुर रेल परियोजना क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण मांग रही है। इस परियोजना से कई इलाकों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
सामाजिक कार्यकर्ता शंकर कुमार झा ने कहा कि हरनगर स्टेशन से पुराने रेल मार्ग को आधार बनाकर परियोजना को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, पुराने रूट पर पहले ही काफी काम हो चुका है और वहां मौजूद संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने तर्क दिया कि पुराने मार्ग को अपनाने से न केवल निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा, बल्कि सरकार पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा।
सांसद संजय कुमार झा को सौंपा ज्ञापन
अपनी मांग को लेकर शंकर कुमार झा ने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रेल परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उन्होंने पुराने रूट के फायदे बताते हुए परियोजना को इसी मार्ग से पूरा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की भावनाएं भी पुराने मार्ग से जुड़ी हुई हैं।
संजय कुमार झा से उन्होंने इस मामले को संबंधित स्तर पर उठाने और केंद्र सरकार एवं रेल मंत्रालय तक लोगों की मांग पहुंचाने का आग्रह किया।
क्षेत्र के विकास से जुड़ी है परियोजना
सकरी-हसनपुर रेल परियोजना को क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेल सुविधा बेहतर होने से व्यापार, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेहतर रेल संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी और लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा होगी।
समय और खर्च बचाने का दिया तर्क
शंकर कुमार झा ने कहा कि किसी भी बड़ी परियोजना में समय और लागत दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पहले से उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाए तो निर्माण कार्य जल्दी पूरा किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पुराने रूट पर हुए कार्यों का लाभ लेने से नई जमीन अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को भी कम किया जा सकता है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पुराने मार्ग के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाए।
लोगों की उम्मीदें बढ़ीं
रेल परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों में लंबे समय से उम्मीदें बनी हुई हैं। क्षेत्रवासियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने से इलाके में आवागमन आसान होगा और विकास के नए अवसर खुलेंगे।
पुराने रूट की मांग उठने के बाद अब लोगों की नजर रेलवे और सरकार के अगले कदम पर है।
जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील
शंकर कुमार झा ने कहा कि यह मुद्दा किसी व्यक्तिगत हित से जुड़ा नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास से संबंधित है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस मांग को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए परियोजना को जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
सकरी-हसनपुर रेल परियोजना को लेकर पुराने रूट की मांग ने एक बार फिर क्षेत्रीय स्तर पर चर्चा शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि सरकार और रेलवे इस मांग पर क्या निर्णय लेते हैं।