'कुछ समझ आता इससे पहले ही...' चमोली टनल हादसे से बचकर निकले मजदूरों ने सुनाई आंखों देखी
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में मायापुर में बन रही टीएचडीसी की रेलवे टनल में गुरुवार को अचानक पानी और मलबे के तेज बहाव से बड़ा हादसा हो गया। टनल के अंदर करीब 20 मजदूर फंस गए। हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 13 को सुरक्षित बाहर निकालकर गोपेश्वर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे में घायल हुए मजदूरों ने शुक्रवार को बातचीत के दौरान अपनी आपबीती सुनाई। सुनील दीवान नाम के मजदूर ने बताया, "सब इतना अचानक हुआ कि हमें भागने का भी मौका नहीं मिला। तेज हवा और पानी का दबाव इतना तेज था कि हमें बहाकर ले गया। वहां पहले से भी पानी था। कच्ची मिट्टी, पत्थर और पानी अचानक से आ गया, जिससे हम संभलने का भी मौका नहीं मिला।"
एक अन्य घायल मजदूर ने कहा, "तेज हवा और पानी के दबाव ने हमें पूरी तरह बाहर फेंक दिया। जब पानी अचानक जोरदार बहाव के साथ आया, तो करीब 15-20 लोग बह गए।" एक मजदूर ने बताया कि हादसे के समय सभी अलग-अलग जगह काम कर रहे थे। पानी और मलबा आने से अफरा-तफरी मच गई। किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ।
गोपेश्वर जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने हादसे की जानकारी देते हुए कहा, "अब तक टीएचडीसी से कुल 19 लोगों को हमारे पास लाया गया है। इनमें से 7 को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 13 अभी हमारे पास हैं और उनकी हालत काफी हद तक स्थिर है। हमने उनमें से 10 को भर्ती किया है। एक लड़के की स्थिति थोड़ी ज्यादा गंभीर है। सभी का विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज रहा है।"
वहीं, चमोली टनल हादसे की खबर के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी भी घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल हादसे के बाद हालात का जायजा लेने के लिए चमोली के पीपलकोटी का दौरा किया। उन्होंने घायलों का हाल-चाल जाना।