पत्नी की गला काटकर हत्या, शव छत्तीसगढ़ की नदी में फेंका; चार महीने बाद आरोपी जवान गिरफ्तार
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के चिरौंदी इलाके की रहने वाली सविता सांगा की हत्या के मामले में चार महीने बाद बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार महिला की गला काटकर हत्या करने के बाद उसके शव को छत्तीसगढ़ की एक नदी में फेंक दिया गया था। बरियातू थाना पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मृतका के पति सुकरा लोहरा को गिरफ्तार किया है। आरोपी त्रिपुरा राइफल्स का जवान बताया गया है और उसकी पोस्टिंग छत्तीसगढ़ में है। पुलिस ने आरोपी को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इस हत्याकांड का खुलासा महिला के लापता होने के करीब चार महीने बाद हुआ। बरियातू थाना प्रभारी प्रकाश रजक के अनुसार पुलिस की जांच में आरोपी पति की कथित संलिप्तता सामने आई। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर हत्या से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।
मामले में तीन दिन पहले सुनीता कर्मकार सांगा ने बरियातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। महिला के लापता होने की परिस्थितियों, उसके पारिवारिक संबंधों और पति की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस का शक पति सुकरा लोहरा पर गया।
पुलिस के मुताबिक सुकरा लोहरा त्रिपुरा राइफल्स में कार्यरत है और वर्तमान में छत्तीसगढ़ में तैनात है। जांच के दौरान पुलिस ने उससे पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान सविता की हत्या से जुड़ी कहानी सामने आई। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब हत्या की परिस्थितियों और इससे जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार सविता सांगा की करीब चार महीने पहले हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि महिला की गला काटकर हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। इसके तहत शव को छत्तीसगढ़ की एक नदी में फेंक दिया गया, ताकि वारदात का पता न चल सके और शव बरामद न हो पाए।
बरियातू थाना प्रभारी प्रकाश रजक ने बताया कि अब तक सविता का शव बरामद नहीं हो पाया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने शव नदी में बहा दिया था। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती महिला के शव या उससे संबंधित भौतिक साक्ष्य की तलाश करना है। इसके लिए छत्तीसगढ़ पुलिस से संपर्क और संबंधित क्षेत्र में खोजबीन की प्रक्रिया भी मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
शव बरामद नहीं होने के कारण पुलिस अब परिस्थितिजन्य और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने पर विशेष ध्यान दे रही है। महिला और आरोपी की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, यात्रा से संबंधित जानकारी और घटना के आसपास दोनों की गतिविधियों की जांच की जा सकती है। इसके अलावा पुलिस उन लोगों से भी पूछताछ कर सकती है, जिन्हें घटना से पहले या बाद की परिस्थितियों के बारे में जानकारी हो।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि कथित हत्या कहां की गई थी और शव को किस नदी में तथा किस स्थान से फेंका गया था। यदि घटनास्थल छत्तीसगढ़ में पाया जाता है तो संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस के सहयोग से साक्ष्य जुटाए जा सकते हैं। चार महीने का समय गुजर जाने के कारण शव की तलाश और भौतिक साक्ष्य जुटाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
पुलिस हत्या के पीछे की वजह का भी पता लगा रही है। पति-पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद था या घटना के पीछे कोई दूसरा कारण था, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने अभी तक हत्या के मकसद से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं। ऐसे में जांच पूरी होने और आरोपपत्र दाखिल होने के बाद ही हत्या की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने वाली सुनीता कर्मकार सांगा और परिवार के अन्य लोगों से भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है। परिवार की ओर से दी गई सूचनाओं को आरोपी से पूछताछ में सामने आए तथ्यों से मिलाया जा रहा है। महिला के पिछले चार महीने से लापता रहने के दौरान परिवार ने किन-किन स्तरों पर उसकी तलाश की और आरोपी की ओर से परिवार को क्या जानकारी दी गई थी, यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस के लिए इस मामले में शव की बरामदगी बेहद महत्वपूर्ण है। शव मिलने पर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के जरिए मौत के कारण और हत्या के तरीके से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं। हालांकि पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शव को नदी में बहा दिया था और अभी तक उसका कोई पता नहीं चला है।
पुलिस अब आरोपी की निशानदेही के आधार पर उस स्थान की पहचान करने की कोशिश कर सकती है, जहां कथित तौर पर हत्या की गई और जहां से शव को नदी में फेंका गया। घटनास्थल से किसी प्रकार के जैविक, भौतिक या अन्य साक्ष्य मिलने की संभावना की भी जांच की जाएगी। आरोपी की यात्रा और ड्यूटी से संबंधित रिकॉर्ड भी मामले में अहम साबित हो सकते हैं।
चार महीने पुराने इस मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब जांच को आगे बढ़ाते हुए उपलब्ध साक्ष्यों की कड़ी जोड़ने में जुटी है। आरोपी सुकरा लोहरा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सविता सांगा का शव बरामद नहीं होने के कारण मामले की जांच जारी है। पुलिस के सामने हत्या के कथित घटनास्थल की पुष्टि, शव फेंके जाने वाली जगह की पहचान और अन्य साक्ष्य जुटाने की चुनौती है। आरोपी पति की गिरफ्तारी के बाद चार महीने पुराने मामले की परतें खुलनी शुरू हुई हैं। पुलिस की आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात किन परिस्थितियों में हुई और इसमें आरोपी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।