रांची। झारखंड में लगातार हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है। बंगाल की खाड़ी में बने अति गहरे अवदाब के प्रभाव से शुक्रवार को भी राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से इस मौसम प्रणाली के कमजोर पड़ने के आसार हैं, जिसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और देवघर समेत कई जिलों में बारिश का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवा और मेघगर्जन की स्थिति बन सकती है। मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में विकसित अति गहरे अवदाब के कारण झारखंड में बड़ी मात्रा में नमी पहुंच रही है। इसी के प्रभाव से आसमान में घने बादल बने हुए हैं और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। कई स्थानों पर बारिश की तीव्रता अधिक रही, जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। लगातार बादल और बारिश के कारण दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

राजधानी रांची में भी मौसम ठंडा हो गया है। पिछले कुछ दिनों से आसमान में बादल छाए रहने और बारिश के कारण धूप का असर बेहद कम रहा है। दिन के समय भी लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। तापमान में गिरावट के कारण शाम और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो रहा है। राज्य के दूसरे जिलों में भी इसी तरह के हालात बने हुए हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक बारिश और बादलों के कारण राज्य का अधिकतम तापमान कई स्थानों पर सामान्य से करीब पांच डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। आमतौर पर सितंबर के अंतिम सप्ताह में दिन के समय गर्मी और उमस महसूस होती है, लेकिन मौजूदा मौसम प्रणाली के प्रभाव से इस बार कई क्षेत्रों में तापमान नीचे बना हुआ है। हालांकि न्यूनतम तापमान में बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

लगातार बारिश से शहरी क्षेत्रों में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रांची समेत कई शहरों में निचले इलाकों और सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। बारिश के दौरान यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों और जलभराव वाले रास्तों पर आवागमन मुश्किल हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय निकायों को जलनिकासी व्यवस्था पर नजर रखने की जरूरत है।

भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तेज बारिश होने पर छोटे नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में मिट्टी गीली होने से भूस्खलन या पेड़ गिरने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। धान की खेती वाले इलाकों में पर्याप्त पानी फसल के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन लगातार भारी बारिश और खेतों में अधिक पानी जमा होने से फसलों को नुकसान भी हो सकता है। जिन क्षेत्रों में बारिश सामान्य से अधिक हो रही है, वहां किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है।

मौसम विभाग की ओर से किसानों को मौसम की स्थिति के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी जा रही है। मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान खेतों में काम करने से बचने को कहा गया है। झारखंड में मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएं बड़ी चिंता रही हैं। इसलिए खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने या खुले मैदान में रहने से बचना जरूरी है।

मौजूदा मौसम प्रणाली का प्रभाव शुक्रवार तक अधिक रहने की संभावना है। पश्चिमी और मध्य झारखंड के कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। पलामू और गढ़वा जैसे पश्चिमी जिलों से लेकर हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और देवघर तक इसका असर देखने को मिल सकता है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अलग रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से अति गहरे अवदाब के कमजोर पड़ने की संभावना है। सिस्टम कमजोर होने के साथ ही झारखंड में बारिश की गतिविधियों में भी कमी आएगी। आसमान में बादल कम होने और धूप निकलने से अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें जारी रह सकती हैं।

बारिश कम होने के बाद तापमान दोबारा सामान्य स्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण जो ठंडक महसूस की जा रही है, उसमें भी बदलाव आएगा। मौसम साफ होने पर दिन में धूप निकलने से गर्मी और उमस एक बार फिर बढ़ सकती है।

फिलहाल शुक्रवार को झारखंड के कई जिलों के लिए मौसम महत्वपूर्ण बना हुआ है। पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और देवघर समेत कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवा की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। शनिवार से मौसम प्रणाली कमजोर होने के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश से राहत मिलने और मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है।

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