नगर पालिका पर लापरवाही और भ्रामक रिपोर्टिंग के आरोप, जनता में आक्रोश
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बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सेढू तलैया नाले का निर्माण कार्य लंबे समय से ठप पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पालिका परिषद पर लापरवाही और उच्च अधिकारियों को गलत व भ्रामक जानकारी भेजने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा, जबकि कागजों में प्रगति दिखाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका परिषद बांदा द्वारा सेढू तलैया नाले के पक्के निर्माण के लिए लगभग 21 लाख रुपये का टेंडर जारी कर कार्य आवंटित किया गया था। नगर पालिका अध्यक्ष ने जून से पहले कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन आरोप है कि जिम्मेदार विभाग की लापरवाही के चलते अभी तक निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी-कभी मोटर, जेसीबी और मजदूर लगाकर केवल फोटो खिंचवाने का काम किया गया, जबकि वास्तविक निर्माण कार्य जमीन पर नहीं दिखाई देता।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि नाले की वास्तविक स्थिति को छिपाकर मुख्यमंत्री कार्यालय और जिलाधिकारी को गलत रिपोर्ट भेजी जा रही है। उनका कहना है कि सेढू तलैया नाला पिछले लगभग दो दशकों से कच्चा पड़ा हुआ है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
इस नाले के अधूरे निर्माण के कारण सेढू तलैया, पोड़ा बाग, हुसैनगंज, हाथी खाना, शंकर नगर, आजाद नगर, लोहिया पुल, गायत्री नगर, परशुराम तालाब और बसंत नगर सहित कई इलाकों की लगभग 15 से 20 हजार की आबादी हर वर्ष जलभराव की गंभीर समस्या से जूझती है। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है, जब कई घरों में पानी घुस जाता है और जनजीवन प्रभावित हो जाता है।
लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है, मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है और दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित होता है। इसके अलावा, गंदगी और बदबू के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि नाले में कई स्थानों पर लगभग पांच फीट से अधिक सिल्ट जमा है और काली देवी मंदिर के पास स्थित पुलिया पूरी तरह चोक पड़ी हुई है, जिससे श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा, नाले के आसपास अतिक्रमण भी एक बड़ी समस्या बन चुका है, जिससे जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के समय कई बार बिजली के खंभों में करंट उतरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। वहीं, जलभराव और गंदगी के कारण घरों में सांप और जहरीले कीड़ों के घुसने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं। सेढू तलैया विकास समिति के अध्यक्ष मनबोधन कुशवाहा ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 10 जून तक नाले का निर्माण कार्य शुरू कर पूरा नहीं किया गया तो मंडलायुक्त कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब स्थानीय लोग और अधिक इंतजार करने की स्थिति में नहीं हैं और जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई चाहते हैं।